बारामतीः जनवरी की एक ठंडी और धुंधभरी सुबह पुणे जिले के लिए बेहद दुखद साबित हुई, जब बारामती के पास एक बड़ा विमान हादसा हो गया. महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार को लेकर जा रहा एक निजी विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस भयावह हादसे में अजित पवार समेत कुल पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. घटना की खबर फैलते ही पूरे राज्य और देश में शोक की लहर दौड़ गई.
हादसे का शिकार हुआ विमान एक Learjet 45 था, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-SSK बताया गया है. यह विमान दिल्ली की निजी एविएशन कंपनी VSR द्वारा संचालित किया जा रहा था. बुधवार सुबह यह विमान मुंबई से उड़ान भरकर बारामती की ओर जा रहा था, लेकिन अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच सका.
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, विमान ने बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग की पहली कोशिश की थी, लेकिन किसी कारणवश पायलट को लैंडिंग रद्द करनी पड़ी. इसके बाद विमान को दोबारा हवा में ऊंचाई पर ले जाया गया. यह प्रक्रिया एविएशन की भाषा में ‘गो-अराउंड’ मैन्युवर कहलाती है, जिसे आमतौर पर तब अपनाया जाता है जब रनवे या मौसम की स्थिति सुरक्षित न हो.
फ्लाइट डेटा के मुताबिक, विमान सुबह करीब 7:56 बजे रडार पर दिखाई देने लगा था और 8:10 बजे पूरी तरह हवा में स्थिर उड़ान पर था. जब विमान बारामती के नजदीक पहुंचा, तो वह लैंडिंग पाथ पर था. सुबह लगभग 8:37 बजे, एयरपोर्ट से करीब 20 किलोमीटर पहले विमान रडार से अचानक गायब हो गया.
ओपन सोर्स फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म Flightradar24 के अनुसार, करीब दो मिनट बाद, यानी सुबह 8:39 बजे विमान फिर से रडार पर नजर आया. इस दौरान विमान की ऊंचाई में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे यह साफ हुआ कि पायलट ने पहली लैंडिंग रद्द कर दूसरी बार प्रयास किया था. फ्लाइट ट्रैक में विमान का रास्ता गोल-घुमावदार दिखाई दिया, जो गो-अराउंड मैन्युवर की पुष्टि करता है.
घुमाव पूरा करने के बाद विमान एक बार फिर नीचे की ओर आने लगा. यह दूसरी बार रनवे पर टचडाउन की कोशिश थी, लेकिन कुछ ही पलों बाद विमान आखिरी बार रडार से गायब हो गया. माना जा रहा है कि इसी दौरान तकनीकी या मौसम संबंधी कारणों से विमान नियंत्रण खो बैठा.
यह दर्दनाक हादसा सुबह करीब 8:45 बजे बारामती एयरपोर्ट के रनवे के पास हुआ. हादसे के बाद सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि विमान का मलबा खुले खेतों में दूर-दूर तक बिखरा पड़ा है. आग की लपटों के साथ आसमान में घना काला धुआं उठता नजर आया, जिसने हादसे की भयावहता को और स्पष्ट कर दिया.
फिलहाल हादसे के कारणों को लेकर जांच जारी है. मौसम, तकनीकी खराबी या मानवीय चूक—इन सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है. यह दुर्घटना न सिर्फ एक बड़ा राजनीतिक नुकसान है, बल्कि देश की विमानन सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है. First Updated : Wednesday, 28 January 2026