PM मोदी से मिलते ही बिहार में बड़ा खेल! सम्राट चौधरी जल्द बना सकते हैं 33 मंत्रियों वाली मेगा कैबिनेट
बिहार के नए सीएम सम्राट चौधरी आज दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात किए हैं. बिहार की कुर्सी संभालने के बाद प्रधानमंत्री से उनकी यह पहली मुलाकात है.

नई दिल्ली: बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद यह उनकी पहली दिल्ली यात्रा है. इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट के रूप में बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
कैबिनेट विस्तार पर हो सकती है चर्चा
सम्राट चौधरी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कर सकते हैं. सूत्रों के अनुसार, इस यात्रा के दौरान बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अहम चर्चा हो सकती है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन बैठकों के बाद कैबिनेट बनाने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी.
देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी से आज नई दिल्ली में शिष्टाचार मुलाकात की।
"विकसित भारत और समृद्ध बिहार" के विजन पर मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। माननीय प्रधानमंत्री जी का स्नेह एवं सहयोग बिहार की प्रगति को नई गति प्रदान कर रहा है।#narendramodiji #NDA4Bihar… pic.twitter.com/wHibpmZ23J— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) April 21, 2026
अभी कैबिनेट लगभग खाली
फिलहाल बिहार में केवल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और दो उपमुख्यमंत्री ही शपथ ले चुके हैं. जनता दल (यूनाइटेड) से बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय चौधरी उपमुख्यमंत्री बने हैं. भाजपा कोटे से अभी किसी को भी मंत्री नहीं बनाया गया है. बिहार में कुल 33 मंत्रियों का प्रावधान है, लेकिन नई सरकार अभी पूरी तरह गठित नहीं हुई है.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने फिलहाल कई विभाग अपने पास रखे हुए हैं. इससे प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ रहा है. ऐसे में जल्द कैबिनेट विस्तार करना नई सरकार की बड़ी चुनौती है.
24 अप्रैल को विश्वास मत
बिहार विधानसभा का विशेष सत्र 24 अप्रैल को बुलाया गया है. इसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सदन में विश्वास मत प्रस्ताव पेश करेंगे और अपनी सरकार का बहुमत साबित करेंगे. यह पहला मौका है जब बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बना है.
एनडीए सरकार में पहले नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे और भाजपा से उपमुख्यमंत्री होते थे. अब सम्राट चौधरी के नेतृत्व में भाजपा की भूमिका मजबूत हुई है.
विकास और शासन पर फोकस
मुलाकात के दौरान समृद्ध बिहार और राज्य के विकास को लेकर बातचीत हुई. सम्राट चौधरी ने भ्रष्टाचार पर शून्य सहनशीलता का संदेश भी दिया है. दिल्ली की इन बैठकों के बाद मंत्रिमंडल विस्तार जल्दी हो सकता है, जिससे शासन व्यवस्था को नई गति मिलेगी.
बिहार की नई सरकार को कई चुनौतियों का सामना करना है. कैबिनेट का पूरा गठन होने के बाद ही प्रशासनिक काम सुचारू रूप से चल पाएंगे.


