बिहार के विश्वविद्यालयों को लंबित डिग्रियां मिशन मोड में बांटने का आदेश, 1 जुलाई तक मांगी रिपोर्ट

बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों में वर्षों से लंबित डिग्रियों को लेकर राज्यपाल सचिवालय ने सख्त रुख अपनाया है. राज्यपाल के अतिरिक्त मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी कुलपतियों को भेजे पत्र में कहा कि डिग्री जारी होने में देरी छात्रों के भविष्य पर गंभीर असर डाल रही है.

Yashika Jandwani

पटना: बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों में वर्षों से लंबित डिग्रियों को लेकर राज्यपाल सचिवालय ने सख्त रुख अपनाया है. लोक भवन की ओर से जारी एक पत्र में सभी राज्य संचालित विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि जिन्होंने अपना पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, उन्हें मिशन मोड में लंबित डिग्रियां वितरित की जाएं. वहीं इसके लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया है.

छात्रों के भविष्य पर पड़ सकता है असर 

राज्यपाल के अतिरिक्त मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी कुलपतियों को भेजे पत्र में कहा कि डिग्री जारी होने में देरी छात्रों के भविष्य पर गंभीर असर डाल रही है. इससे उच्च शिक्षा में प्रवेश, रोजगार के अवसर और करियर की प्रगति प्रभावित हो रही है. उन्होंने बताया कि लोक भवन में मिलने वाली शिकायतों का बड़ा हिस्सा समय पर डिग्री नहीं मिलने से जुड़ा हुआ है.

पत्र में विश्वविद्यालयों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि डिग्री की छपाई और वितरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. इसके साथ ही सभी लंबित मामलों का जल्द से जल्द निपटारा सुनिश्चित करने के लिए मिशन मोड में विशेष अभियान चलाया जाए.

राज्यपाल ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट 

राज्यपाल सचिवालय ने विश्वविद्यालयों से डिग्री वितरण की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है. यह रिपोर्ट 1 जुलाई 2026 तक ईमेल के माध्यम से एक्सेल फॉर्मेट में भेजनी होगी। इस दौरान रिपोर्ट में वर्ष 2010 से 2024 तक का पूरा ब्योरा शामिल करने को कहा गया है. इसके अलावा स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों के आंकड़े अलग-अलग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं.

पत्र में यह भी कहा गया है कि प्रत्येक विश्वविद्यालय एक समर्पित 'डिग्री निगरानी प्रकोष्ठ' (Degree Monitoring Cell) का गठन करे. यह प्रकोष्ठ डिग्री की छपाई और वितरण की नियमित समीक्षा करेगा, लंबित मामलों की पहचान करेगा और उन्हें तय समय के भीतर पूरा कराने की निगरानी करेगा.

छात्रों को मिलेगी राहत 

राज्यपाल सचिवालय के इस निर्देश को उन हजारों छात्रों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है, जो वर्षों से अपनी डिग्री मिलने का इंतजार कर रहे हैं. उम्मीद है कि इस विशेष अभियान के जरिए लंबित मामलों का तेजी से निपटारा होगा और छात्रों को आगे की पढ़ाई तथा रोजगार के अवसरों में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी.

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