बंगाल चुनाव के लिए भाजपा ने दूसरी लिस्ट की जारी, 111 उम्मीदवारों के नाम
बंगाल चुनाव के लिए भाजपा ने गुरुवार को अपनी दूसरी लिस्ट जारी कर दी है. जारी लिस्ट में 111 उम्मीदवारों के नाम हैं. बीजेपी ने इस बार चर्चित चेहरा रूपा गांगुली को भी चुनाव मैदान में उतारा है.

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं. इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है, जिसमें कुल 111 प्रत्याशियों के नाम शामिल किए गए हैं. पार्टी ने इस सूची में कई नए चेहरों के साथ-साथ अनुभवी नेताओं पर भी भरोसा जताया है.
सोनापुर दक्षिण से रूपा गांगुली मैदान में
बीजेपी ने इस बार चर्चित चेहरा रूपा गांगुली को भी चुनाव मैदान में उतारा है. पूर्व राज्यसभा सांसद रूपा गांगुली को सोनापुर दक्षिण विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है. वहीं, पूर्व सांसद अर्जुन सिंह को नोआपारा सीट से टिकट दिया गया है, जहां वे पार्टी की ओर से चुनाव लड़ेंगे. इसके अलावा पार्टी ने अपनी पहली सूची में एक बदलाव करते हुए बिष्णुपुर (आरक्षित) सीट से विस्वजीत खान को उम्मीदवार घोषित किया है. पहले इस सीट से अग्नीश्वर नस्कर को टिकट दिया गया था, लेकिन अब पार्टी ने रणनीतिक बदलाव करते हुए नया नाम आगे बढ़ाया है.
भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपनी दूसरी सूची में निम्नलिखित उम्मीदवारों के नामों पर अपनी स्वीकृति प्रदान की। (1/2) pic.twitter.com/sCdVdulkM8
— BJP (@BJP4India) March 19, 2026
जॉयपुर सीट को लेकर भी बीजेपी ने खास रणनीति अपनाई है. पार्टी ने यहां बिस्वजीत महतो को समर्थन देने का ऐलान किया है, जो बीजेपी समर्थित उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतरेंगे. इससे साफ है कि पार्टी कुछ सीटों पर गठबंधन और समर्थन की रणनीति के जरिए अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है.
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) भी पहले ही 291 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है, जिससे राज्य में चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है. इस बार कई सीटों पर कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा भवानीपुर सीट को लेकर हो रही है.
भवानीपुर सीट से मैदान में ममता बनर्जी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बार नंदीग्राम की बजाय भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया है. वहीं, बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के साथ उनकी सीधी टक्कर की संभावना जताई जा रही है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुकाबला सिर्फ एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह राज्य की सत्ता और राजनीतिक वर्चस्व की असली परीक्षा बन सकता है.
दरअसल, ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच सियासी संघर्ष की शुरुआत 2021 के विधानसभा चुनाव से हुई थी. उस समय ममता बनर्जी ने अपनी पारंपरिक भवानीपुर सीट छोड़कर नंदीग्राम से चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा. हालांकि, बाद में उन्होंने भवानीपुर उपचुनाव जीतकर मुख्यमंत्री पद बरकरार रखा. अब एक बार फिर भवानीपुर सीट पर दोनों नेताओं के बीच संभावित मुकाबले ने राज्य की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है और इसे प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है.


