असम की कोयला खदान से निकाले गए सभी श्रमिकों के शव, 44 दिन पहले हुआ था हादसा

44 दिन पहले सभी श्रमिक एक कोयला खदान में फंस गए थे, जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. उमरंगशू की खदान में पानी निकालने का काम एक महीने से भी ज्यादा समय से चल रहा था.गोताखोरों ने बुरी तरह सड़ी-गली अवस्था में बाहर निकाला.

calender

असम के दीमा हसाओ की कोयला खदान से बुधवार को दो और श्रमिकों के शव निकाले गए हैं. इसके साथ ही सभी 9 श्रमिकों के शव बाहर निकाल लिए गए हैं. बता दें कि 44 दिन पहले सभी श्रमिक एक कोयला खदान में फंस गए थे, जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. उमरंगशू की खदान में पानी निकालने का काम एक महीने से भी ज्यादा समय से चल रहा था.गोताखोरों ने बुरी तरह सड़े-गले अवस्था में बाहर निकाला.

सड़ी गली अवस्था में मिले शव

आपको बता दें कि छह जनवरी को खदान के अंदर नौ श्रमिक फंस गए थे और एक का शव दो दिन बाद बरामद किया गया था, जबकि तीन अन्य के शव 11 जनवरी को मिले थे. सभी शवों को बुरी तरह सड़ी गली अवस्था में बाहर निकाला गया. अधिकारी ने बताया कि शवों की पहचान अभी नहीं हो पाई है और शवों की पहचान शुरू कर दी गई है.

उल्लेखनीय है कि सरकार ने उन चार खनिकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी है, जिनके शव पहले ही बरामद हो चुके हैं तथा खदान में फंसे लोगों के परिजनों को छह-छह लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी गई है.

न्यायिक जांच के दिए थे आदेश

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पहले कहा था कि इस कोयला खदान में 12 साल पहले खुदाई बंद कर दी गई थी. उन्होंने इस हादसे के न्यायिक जांच के आदेश दिए थे. नियम के मुताबिक, खुदाई खत्म होने के बाद इसमें जाने के रास्ते भी बंद कर दिए जाते हैं. मगर डिमा हसाओ में ऐसा नहीं था. बंद होने के बाद भी इसमें अवैध रूप से रेट होल खुदाई होती रही. First Updated : Thursday, 20 February 2025