ब्रिटेन ने भारत को होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी हटाने के लिए वार्ता का दिया निमंत्रण

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए यूनाइटेड किंगडम द्वारा आयोजित बहुराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में भाग लेगा.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत ने रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की दिशा में अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में भाग लेने का फैसला किया है. विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को जानकारी दी कि यूनाइटेड किंगडम की पहल पर आयोजित एक बहुराष्ट्रीय वर्चुअल शिखर बैठक में भारत भी शामिल होगा. इस बैठक के लिए ब्रिटेन ने नई दिल्ली को औपचारिक निमंत्रण भेजा है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान बताया कि इस वार्ता में कई देशों को आमंत्रित किया गया है, जिनमें भारत भी शामिल है. उन्होंने कहा कि विदेश सचिव विक्रम मिसरी इस महत्वपूर्ण चर्चा में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. इस बैठक का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य स्थिति बहाल करने और समुद्री यातायात को सुरक्षित बनाने के उपायों पर विचार करना है.

जायसवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत लगातार ईरान और क्षेत्र के अन्य देशों के संपर्क में बना हुआ है, ताकि भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके. उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में हुए संवाद के चलते छह भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से इस मार्ग को पार कर चुके हैं. सरकार की कोशिश है कि एलपीजी, एलएनजी और अन्य जरूरी सामान ले जाने वाले जहाज बिना किसी बाधा के अपने गंतव्य तक पहुंच सकें.

सम्मेलन में करीब 30 देशों के शामिल होने की संभावना

ब्रिटेन की मेजबानी में होने वाले इस वर्चुअल सम्मेलन में करीब 30 देशों के शामिल होने की संभावना है. इस दौरान वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर रहे इस संकट के समाधान के लिए कूटनीतिक और राजनीतिक विकल्पों पर चर्चा होगी. हालांकि, इस बैठक में अमेरिका की भागीदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है.

दरअसल, अमेरिका और इज़राइल के साथ जारी टकराव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बनाया है, जिससे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में उछाल देखा गया है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अन्य देशों से इस मार्ग को दोबारा खोलने के लिए पहल करने की अपील की है.

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