सीमा पर BSF और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश आमने-सामने: तारबंदी के काम पर बीजीबी की आपत्ति, बढ़ा तनाव

मेखलीगंज ब्लॉक के सीमावर्ती खुले इलाकों में तारबंदी पूरी करने के लिए करीब 105 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करना है। इसमें से लगभग 80 एकड़ जमीन भारत के अंदर स्थित बांग्लादेशी छिटमहल दहग्राम अंगारपोटा में आती है।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: भारत बांग्लादेश सीमा पर एक बार फिर माहौल गरमा गया है। तीनबीघा कॉरिडोर से सटे दहग्राम अंगारपोटा इलाके में कंटीले तार की बाड़ लगाने को लेकर शुक्रवार को हालात बिगड़ गए। आरोप है कि जैसे ही सीमा पर जमीन मापने का काम शुरू हुआ, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश यानी बीजीबी ने आपत्ति जता दी। इसके बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया।

105 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की जरूरत   

सूत्रों के मुताबिक मेखलीगंज ब्लॉक के सीमावर्ती खुले इलाकों में तारबंदी पूरी करने के लिए करीब 105 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करना है। इसमें से लगभग 80 एकड़ जमीन भारत के अंदर स्थित बांग्लादेशी छिटमहल दहग्राम अंगारपोटा में आती है।

शुक्रवार को भूमि एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारी जमीन मालिकों की मौजूदगी में माप जोख कर रहे थे। तभी कुछ बांग्लादेशी नागरिकों और बीजीबी जवानों ने काम पर ऐतराज जताया, जिससे सीमा पर तनाव की स्थिति बन गई।

BSF ने संभाले हालात, हुई फ्लैग मीटिंग   

हालांकि सीमा सुरक्षा बल बीएसएफ ने संयम दिखाते हुए स्थिति को संभाल लिया और कोई बड़ा टकराव नहीं होने दिया। घटना के बाद शनिवार को विधायक दधिराम राय खुद सीमा क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने बीएसएफ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान बीएसएफ और बीजीबी के बीच फ्लैग मीटिंग भी हुई। बैठक में बीएसएफ की 174वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर विनोद सिंह और बीजीबी की तरफ से नाजियुर रहमान समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

स्थानीय लोगों में नाराजगी   

सीमा पर काम रुकने से स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है। गांव के निवासी विष्णुपद राय और जयनाथ राय ने कहा कि भारतीय जमीन पर विकास कार्यों में बार बार अड़चन डाली जा रही है। शुक्रवार को भी भारत की जमीन पर काम रोका गया।

लेकिन बीएसएफ ने धैर्य और समझदारी से हालात संभाले। प्रशासन का कहना है कि घुसपैठ, तस्करी और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए तारबंदी का काम तेजी से पूरा करना जरूरी है। आने वाले दिनों में सीमा पर सुरक्षा और कड़ी की जा सकती है।

भाजपा विधायक ने दिखाई सख्ती   

बैठक के बाद विधायक दधिराम राय ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार अगले 45 दिनों में कंटीले तार की बाड़ का काम पूरा करना होगा। देश की सुरक्षा के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा। अगर बांग्लादेश की तरफ से कोई बाधा आती है तो उसका मजबूती से जवाब दिया जाएगा।

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