बिजली संकट पर सख्त हुई योगी सरकार, लापरवाही में दो अधिकारियों पर गिरी गाज
भीषण गर्मी से उत्तर प्रदेश में बिजली संकट ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. कई जिलों में हो रही लंबी और अघोषित बिजली कटौती को लेकर सरकार और पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ने सख्त रुख अपनाते हुए ताबड़तोड़ प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी है.

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और बढ़ते पारे के बीच बिजली संकट को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. राज्य के विभिन्न जिलों में हो रही अघोषित और लंबी बिजली कटौती पर संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ने बेहद सख्त प्रशासनिक रुख अपनाया है. कार्यप्रणाली में गंभीर लापरवाही और ढीले रवैए के आरोप में विभाग ने दो बड़े अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है.
दो अधिकारियों को किया सस्पेंड
मिली जानकारी के अनुसार गाजियाबाद में तैनात एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राहुल को उनके पद से हटाते हुए सस्पेंड कर दिया गया है. इसके साथ ही उन्हें मेरठ मुख्य अभियंता कार्यालय से अटैच करने के आदेश जारी किए गए हैं. इसी क्रम में मेरठ में कार्यरत एग्जीक्यूटिव इंजीनियर योगेश कुमार पर भी गाज गिरी है और उन्हें भी सस्पेंड कर दिया गया है.
जिम्मेदारियों में बड़ी चूक
विभाग के उच्च अधिकारियों का कहना है कि दोनों ही इंजीनियरों पर अपनी जिम्मेदारियों में बड़ी चूक करने के आरोप हैं और इस तरह की लापरवाही को आगे भी कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
लंबे पावर कट से सड़कों पर उतरी जनता
यह बड़ी कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश के कई हिस्से भीषण हीटवेव की चपेट में हैं और तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. लखनऊ, मेरठ, गोंडा, गाजियाबाद सहित कई शहरी और ग्रामीण इलाकों में लंबे-लंबे पावर कट से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है.
कई वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें नागरिक विधायकों के आवास के बाहर प्रदर्शन और घेराव करते नजर आ रहे हैं. प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर हुए चौतरफा विरोध के बाद हाल ही में सरकार ने उन्हें पोस्टपेड में बदलने का निर्णय लिया था.
विपक्ष ने साधा निशाना
प्रदेश का यह गहराता बिजली संकट अब राजनीतिक रूप से भी तूल पकड़ चुका है. मुख्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने वर्तमान बिजली व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है.
भीषण गर्मी में आम जनता परेशान
विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि सरकार भीषण गर्मी में आम जनता को बुनियादी सुविधाएं देने में पूरी तरह विफल साबित हुई है. इस बढ़ते राजनीतिक और सामाजिक दबाव के बीच प्रशासन ने लापरवाह अधिकारियों पर यह कार्रवाई की है.


