'देश की राजनीति बदलने वाली है', राहुल गांधी की इस टिप्पणी के क्या मायने हैं?

राहुल गांधी ने कहा कि आने वाले महीनों में देश की राजनीति आर्थिक मुद्दों और अमीर-गरीब की खाई पर केंद्रित होगी, जबकि कांग्रेस अल्पसंख्यकों के मुद्दों पर खुलकर आवाज उठाने की तैयारी में है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हाल ही में पार्टी की एक अहम बैठक में दावा किया कि आने वाले समय में देश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. उनका कहना था कि देश जिस आर्थिक स्थिति से गुजर रहा है वह केंद्र सरकार के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है. राहुल गांधी ने यह भी कहा कि भविष्य की राजनीति धार्मिक मुद्दों के बजाय आर्थिक असमानता और अमीर-गरीब के अंतर पर केंद्रित होगी.

राहुल गांधी ने क्या कहा? 

दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित अल्पसंख्यक विभाग की नेशनल एडवाइजरी काउंसिल की बैठक में उन्होंने ये बातें कहीं. इस बैठक में देशभर से अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े कांग्रेस के लगभग 50 नेता शामिल हुए. सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने नेताओं से कहा कि आर्थिक दबाव बढ़ने के साथ सरकार को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है और इसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी दिखाई देगा.

बैठक में राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को यह संदेश भी दिया कि वे अल्पसंख्यकों के खिलाफ होने वाली घटनाओं पर खुलकर अपनी आवाज उठाएं और किसी तरह का डर न रखें. उन्होंने सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा को कांग्रेस की प्राथमिकता बताया.

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने भी बैठक में हिस्सा लिया. उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों से जुड़े अत्याचार या भेदभाव के मामलों में उनकी कानूनी टीम तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहेगी. पार्टी का उद्देश्य ऐसे मामलों में प्रभावित लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है.

साझी शहादत-साझी विरासत क्या है? 

इसी दौरान कांग्रेस की ओर से “साझी शहादत-साझी विरासत” नामक एक देशव्यापी अभियान शुरू करने की योजना पर भी चर्चा हुई. बताया जा रहा है कि इस अभियान का मकसद सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का जवाब देना और देश की साझा संस्कृति एवं विरासत को मजबूत करना है. इस अभियान का नेतृत्व अल्पसंख्यक कांग्रेस के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी करेंगे. 

दूसरी ओर, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर भी कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. कांग्रेस के रिसर्च विभाग के प्रमुख राजीव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता परेशान है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देश में अब यह चर्चा हो रही है कि पहले 100 का आंकड़ा कौन पार करेगा पेट्रोल की कीमत या डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती कीमत. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम लोगों पर आर्थिक बोझ तेजी से बढ़ रहा है.

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