हजारों करोड़ के घाटे में BSNL पर साहेब के शौक नवाबी...अंडरवियर-तौलियो के लिए ड्यूटी में 50 अधिकारी, अब सरकार ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

बीएसएनएल के निदेशक विवेक बंजाल के प्रयागराज दौरे हेतु जारी शाही प्रोटोकॉल पर विवाद बढ़ने के बाद केंद्रीय संचार मंत्री ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. 'स्नान किट' और भव्य इंतजामों ने प्रशासनिक मर्यादा पर सवाल खड़े किए हैं.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल के एक अत्यंत वरिष्ठ अधिकारी के लिए जारी किए गए शाही प्रोटोकॉल ने देशभर के प्रशासनिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है. प्रयागराज में निदेशक विवेक बंजाल के प्रस्तावित संगम स्नान और धार्मिक दर्शन के लिए जारी भव्य इंतजामों का पत्र वायरल होने के बाद संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे पूरी तरह अस्वीकार्य और चौंकाने वाला बताया है. यह घटना न केवल सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को दर्शाती है. बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे कुछ अधिकारी सार्वजनिक सेवा की मर्यादा के विपरीत विलासिता पूर्ण अपेक्षा रखते हैं.

प्रयागराज दौरे का शाही फरमान

आपको बता दें कि विवेक बंजाल का 25-26 फरवरी को प्रयागराज का दौरा प्रस्तावित था. जिसके लिए स्थानीय कार्यालय ने एक विस्तृत प्रोटोकॉल सूची जारी की थी. इस आदेश में करीब 50 अधिकारियों को केवल निदेशक की व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं का ध्यान रखने के लिए विशेष रूप से तैनात किया गया था. संगम में नाव की सवारी. अक्षयवट के दर्शन और पातालपुरी मंदिर के भ्रमण के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई थीं. इस पत्र के सार्वजनिक होते ही विभाग के भीतर भारी असंतोष की लहर दौड़ गई और अंततः इस दौरे को रद्द करना पड़ा.

स्नान किट' पर मचा सियासी बवाल

सबसे अधिक विवाद संगम स्नान के लिए मंगवाई गई विशेष "स्नान किट" को लेकर हुआ है. इस किट में तौलिया, चप्पल, कंघी और आईने जैसी वस्तुओं के साथ-साथ अंतःवस्त्रों तक की व्यवस्था करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे. इसके अलावा घाट पर विशेष बेडशीट और उनके कमरे में महंगे ड्राई फ्रूट्स, शेविंग किट और हेयर ऑयल रखने की जिम्मेदारी कनिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई थी. इन विलासिता पूर्ण मांगों ने सरकारी सेवा की शुचिता और पेशेवर नैतिकता को गंभीर रूप से शर्मसार कर दिया है.

संचार मंत्री की कड़ी चेतावनी

इस शाही फरमान के वायरल होने के बाद केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे "चौंकाने वाला और अनुचित" करार दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी व्यवस्थाएं किसी भी सरकारी मानक या प्रोटोकॉल का हिस्सा नहीं हो सकतीं. मंत्री के कड़े रुख के बाद विवेक बंजाल का प्रस्तावित दौरा तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया. सिंधिया ने इस मामले की गहन जांच करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है. ताकि भविष्य में सरकारी संसाधनों की ऐसी अनैतिक फिजूलखर्ची पर पूरी तरह रोक लग सके.

बंजाल को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस

मामला तूल पकड़ते ही बीएसएनएल प्रबंधन ने भी अपनी ओर से कड़ी सफाई पेश की है. कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि यह आदेश प्रोफेशनल मानकों और मूल्यों के अनुकूल नहीं था. विवेक बंजाल को "कारण बताओ नोटिस" जारी कर सात दिनों के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है. विभाग के अनुसार. यह कृत्य सरकारी संसाधनों का घोर दुरुपयोग है और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इस घटना से सरकारी कंपनी की सार्वजनिक छवि को गहरा आघात पहुँचा है जिसे सुधारना अब बड़ी चुनौती है.

विवेक बंजाल का लंबा करियर

विवेक बंजाल 1987 बैच के भारतीय दूरसंचार सेवा के एक अत्यंत वरिष्ठ अधिकारी हैं. उनके पास इंजीनियरिंग और एमबीए जैसी उच्च शैक्षणिक योग्यताएं होने के साथ ही देश के विशाल टेलीकॉम नेटवर्क को संभालने का 34 वर्षों का व्यापक अनुभव है. लेकिन उनके इतने लंबे करियर पर इस प्रोटोकॉल विवाद ने एक बड़ा दाग लगा दिया है. यह प्रकरण अब देशभर में प्रशासनिक जवाबदेही और सरकारी धन के सदुपयोग को लेकर एक बड़ी बहस का विषय बन गया है जिसे कतई अनदेखा नहीं किया जा सकता.

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