नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026 पेश करते हुए आयकर व्यवस्था में बड़े सुधारों की घोषणा की. उन्होंने बताया कि नया आयकर अधिनियम 2025 आगामी 1 अप्रैल से लागू होगा, जो करीब छह दशक पुराने आयकर कानून की जगह लेगा. सरकार का उद्देश्य कर प्रणाली को सरल, पारदर्शी और करदाताओं के लिए अधिक अनुकूल बनाना है.
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने करदाताओं, विशेषकर छोटे करदाताओं और मध्यम वर्ग को राहत देने से जुड़े कई अहम प्रस्ताव रखे. इनमें टीसीएस दरों में कटौती, ब्याज आय पर कर छूट, सरल रिटर्न प्रक्रिया और विदेशी कंपनियों को कर प्रोत्साहन जैसे फैसले शामिल हैं.
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि नया आयकर अधिनियम 2025 छह दशक पुराने कानून का स्थान लेगा. उन्होंने कहा,"यह (प्रत्यक्ष कर संहिता) रिकॉर्ड समय में पूरी हो गई और आयकर अधिनियम 2025 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा. सरलीकृत आयकर नियम और प्रपत्र शीघ्र ही अधिसूचित किए जाएंगे, जिससे करदाताओं को इसकी आवश्यकताओं से परिचित होने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा."
उन्होंने यह भी बताया कि नए कानून में प्रपत्रों को इस तरह से पुनः डिजाइन किया गया है कि आम नागरिक बिना किसी कठिनाई के उनका पालन कर सकें.
विदेशी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. वित्त मंत्री ने कहा,"मैं विदेशी पर्यटन कार्यक्रम पैकेज की बिक्री पर टीसीएस की दर को मौजूदा 5% और 20% से घटाकर 2% करने का प्रस्ताव करती हूं, जिसमें राशि की कोई सीमा नहीं होगी."
इस फैसले से विदेश यात्रा करने वाले लोगों को सीधी राहत मिलने की उम्मीद है.
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) से मिलने वाली राशि को लेकर भी बड़ी राहत दी गई है. सीतारमण ने कहा,"मैं प्रस्ताव करता हूं कि मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा किसी व्यक्ति को दिया गया कोई भी ब्याज आयकर से मुक्त होगा और इस मद पर किसी भी प्रकार का टीडीएस नहीं लिया जाएगा."
वित्त मंत्री ने छोटे करदाताओं के लिए सरल और नियम-आधारित स्वचालित प्रक्रिया का प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा,"हमने वित्त वर्ष 2027 के बजट में छोटे करदाताओं के लिए नियम-आधारित स्वचालित प्रक्रिया का प्रस्ताव रखा है. आईटीआर-1 और आईटीआर-2 दाखिल करने वाले लोग 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल करना जारी रख सकते हैं. गैर-लेखापरीक्षित व्यावसायिक मामलों और ट्रस्टों को 31 अगस्त तक रिटर्न दाखिल करने की अनुमति दी जाएगी."
करदाताओं को अतिरिक्त राहत देते हुए वित्त मंत्री ने कहा,"अब एक व्यक्ति के रूप में आप मामूली शुल्क के साथ 31 मार्च तक संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं."
उन्होंने यह भी बताया कि मामूली अपराधों पर अब केवल जुर्माना लगेगा. इसके साथ ही 20 लाख रुपये से कम मूल्य की अचल विदेशी संपत्तियों का खुलासा न करने पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा."मैं उन्हें अभियोजन से छूट देने का प्रस्ताव करती हूं."
सरकार ने साफ किया कि नया आयकर कानून राजस्व के लिहाज से तटस्थ है. इसमें कर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इस कानून के तहत प्रत्यक्ष कर व्यवस्था को सरल बनाया गया है और अस्पष्टताओं को दूर किया गया है, जिससे मुकदमेबाजी की संभावना कम होगी.1961 के आयकर अधिनियम की तुलना में नए कानून में पाठ और धाराओं की संख्या लगभग 50 प्रतिशत कम कर दी गई है.
नए कानून में आकलन वर्ष और पिछले वर्ष के अंतर को समाप्त कर दिया गया है. इसके स्थान पर एक ही “कर वर्ष” की व्यवस्था लागू की गई है. इससे कर भुगतान की समयसीमा सरल होगी और करदाता समय सीमा के बाद भी बिना जुर्माने के टीडीएस रिफंड का दावा कर सकेंगे.
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में डेटा सेंटर का उपयोग कर वैश्विक ग्राहकों को क्लाउड सेवाएं देने वाली विदेशी कंपनियों को 2047 तक कर छूट दी जाएगी.
उन्होंने कहा,"मैं भारत से डेटा सेंटर सेवाओं का उपयोग करके वैश्विक स्तर पर ग्राहकों को क्लाउड सेवाएं प्रदान करने वाली किसी भी विदेशी कंपनी को 2047 तक कर छूट देने का प्रस्ताव करती हूं… First Updated : Sunday, 01 February 2026