CBI डायरेक्टर प्रवीण सूद को मिला एक्सटेंशन, मई 2027 तक संभालेंगे जिम्मेदारी
कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग यानी DoPT ने आधिकारिक आदेश जारी कर बताया कि चयन समिति की सिफारिश पर कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने एक्सटेंशन को मंजूरी दी है।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बुधवार (13 मई 2026) को CBI डायरेक्टर प्रवीण सूद का कार्यकाल एक साल और बढ़ा दिया। अब वह 24 मई 2026 के बाद भी मई 2027 तक एजेंसी के प्रमुख बने रहेंगे। यह फैसला विपक्ष के नेता राहुल गांधी की कड़ी आपत्ति के ठीक एक दिन बाद आया है। राहुल गांधी ने अगले CBI चीफ के चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे।
DoPT ने जारी किया आदेश
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग यानी DoPT ने आधिकारिक आदेश जारी कर बताया कि चयन समिति की सिफारिश पर कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने एक्सटेंशन को मंजूरी दी है। 1986 बैच के कर्नाटक कैडर के IPS अधिकारी प्रवीण सूद अब एक साल और CBI की कमान संभालेंगे।
चयन प्रक्रिया पर राहुल गांधी का असहमति नोट
बीते मंगलवार (12 मई 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली हाई-लेवल चयन समिति की बैठक हुई थी। इसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत भी शामिल थे। इसी बैठक में राहुल गांधी ने दो पन्नों का असहमति नोट सौंपा था।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने पूरी चयन प्रक्रिया को सिर्फ औपचारिकता बना दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीदवारों की 'सेल्फ अप्रेजल' और '360-डिग्री' रिपोर्ट जैसे जरूरी दस्तावेज देखने तक नहीं दिए गए।
राहुल गांधी ने साफ कहा, “मैं इस पक्षपातपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा बनकर अपने संवैधानिक कर्तव्य से मुंह नहीं मोड़ सकता।” उन्होंने सरकार पर CBI का गलत इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया। राहुल के मुताबिक एजेंसी के जरिए विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और सरकार के आलोचकों को निशाना बनाया जा रहा है।
दूसरी बार मिला एक्सटेंशन
आपको बताते चलें कि प्रवीण सूद को CBI डायरेक्टर के पद पर यह दूसरा एक्सटेंशन मिला है। इससे पहले मई 2025 में भी उन्हें एक साल का सेवा विस्तार दिया गया था। तब नए डायरेक्टर के नाम पर सहमति नहीं बन पाई थी। उनका मूल दो साल का कार्यकाल पिछले साल 24 मई को खत्म होना था।
कर्नाटक के पूर्व DGP हैं सूद
गौरतलब है कि कर्नाटक के पूर्व DGP प्रवीण सूद को मई 2023 में दो साल के लिए CBI डायरेक्टर नियुक्त किया गया था। उन्होंने सुबोध जायसवाल की जगह ली थी। CBI डायरेक्टर की नियुक्ति तीन सदस्यीय चयन समिति की सिफारिश पर केंद्र सरकार करती है। इस समिति के अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश भी इसके सदस्य होते हैं।


