यूपी में फ्री सिविल सर्विस की तैयारी के लिए 18 मई से होगा आवेदन, समाज कल्याण विभाग ने जारी किया शेड्यूल
उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए निशुल्क आवासीय आईएएस-पीसीएस कोचिंग केंद्रों में प्रवेश हेतु आवेदन प्रक्रिया शुरू करने का शेड्यूल जारी किया है. आर्थिक रूप से कमजोर SC, ST और OBC अभ्यर्थियों को मुफ्त आवास, भोजन, कक्षाएं, टेस्ट सीरीज और इंटरव्यू तैयारी जैसी सुविधाएं दी जाएंगी.

उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग ने आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतिभाशाली युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी में मदद देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए प्रदेश में संचालित आठ आवासीय निशुल्क आईएएस-पीसीएस परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्रों में प्रवेश हेतु संयुक्त प्रवेश परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया है. इसका उद्देश्य ऐसे मेधावी छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन और सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जो आर्थिक अभाव के कारण उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाते.
समाज कल्याण विभाग के निदेशक ने क्या कहा?
समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी 18 मई से 18 जून 2026 तक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है, ताकि प्रदेश के दूरदराज इलाकों के छात्र भी आसानी से आवेदन कर सकें. प्रवेश परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड 25 जून से डाउनलोड किए जा सकेंगे, जबकि संयुक्त प्रवेश परीक्षा 5 जुलाई को आयोजित की जाएगी. विभाग के अनुसार परीक्षा परिणाम 28 जुलाई तक घोषित कर दिए जाएंगे और नया शैक्षणिक सत्र 1 अगस्त 2026 से शुरू होगा.
इस योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के ऐसे छात्र आवेदन कर सकेंगे, जिनके परिवार की वार्षिक आय छह लाख रुपये या उससे कम है. विभाग का मानना है कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलें तो वे प्रशासनिक सेवाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं.
प्रशिक्षण केंद्रों में चयनित अभ्यर्थियों को अनुभवी शिक्षकों, विषय विशेषज्ञों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का मार्गदर्शन मिलेगा. छात्रों को निशुल्क आवासीय सुविधा, भोजन, पुस्तकालय, ऑनलाइन और ऑफलाइन कक्षाएं, नियमित टेस्ट सीरीज और मुख्य परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी. इसके अलावा इंटरव्यू की तैयारी के लिए विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि अभ्यर्थियों को हर स्तर पर सहायता मिल सके.
विभाग का क्या कहना है?
समाज कल्याण विभाग के मुताबिक इन प्रशिक्षण केंद्रों का परिणाम लगातार बेहतर रहा है. हाल ही में घोषित प्रतियोगी परीक्षाओं के नतीजों में 44 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है. विभाग का कहना है कि आने वाले वर्षों में और अधिक छात्रों को इस योजना से जोड़कर प्रशासनिक सेवाओं में उनका चयन सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी. सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक स्थिति किसी भी प्रतिभाशाली छात्र के सपनों में बाधा न बने और योग्य युवाओं को आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिल सके.


