Air India Plane Crash Report: पायलट्स की बातचीत के आधार पर न लें फैसला, एयर इंडिया हादसे पर केंद्र सरकार की अपील

एयर इंडिया विमान हादसे को लेकर केंद्र सरकार ने कहा है कि यह जांच अभी शुरुआती चरण में है और पायलट्स की बातचीत के आधार पर किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाज़ी होगी. नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने अपील की है कि अंतिम रिपोर्ट आने तक अफवाहों या अधूरी जानकारी के आधार पर राय न बनाएं.

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Air India Crash Report: 12 जून को अहमदाबाद से उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया विमान के हादसे को लेकर केंद्र सरकार ने जनता और मीडिया से जल्दबाज़ी में निष्कर्ष न निकालने की अपील की है. नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि यह रिपोर्ट केवल प्रारंभिक जांच है और अंतिम निष्कर्ष आने तक किसी भी तरह की धारणा नहीं बनाई जानी चाहिए.

बोइंग 787 विमान की उड़ान के महज तीन सेकंड बाद दोनों इंजनों की फ्यूल सप्लाई कट गई थी. इसके बाद विमान अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल भवन पर गिरा, जिससे विमान में सवार सभी 260 यात्रियों और क्रू के साथ-साथ जमीन पर मौजूद 19 लोग भी मारे गए.

क्या है जांच रिपोर्ट में?

एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट में यह ज़िक्र है कि टेक-ऑफ के तुरंत बाद विमान के दोनों इंजनों के फ्यूल कंट्रोल स्विच RUN से CUTOFF पोजिशन में चले गए और वो भी एक सेकंड के अंतराल में. हालांकि रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह बदलाव जानबूझकर किया गया या गलती से हुआ.

पायलट्स के बीच क्या बातचीत हुई?

कोकपिट वॉयस रिकॉर्डर में दर्ज बातचीत में एक पायलट दूसरे से पूछता है, "तुमने फ्यूल क्यों कट किया?" इसके जवाब में दूसरा पायलट कहता है, "मैंने नहीं किया." यह आदान-प्रदान बेहद संक्षिप्त था, जिससे किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.

केंद्र सरकार की अपील

केंद्र सरकार ने जोर देकर कहा है कि केवल पायलट्स के बीच हुई बातचीत के आधार पर हादसे का कारण तय नहीं किया जा सकता. केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोळ ने कहा, "AAIB बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के जांच करता है. हमने ब्लैक बॉक्स को विदेश नहीं भेजा, बल्कि देश में ही डिकोड किया गया है. पायलट्स की बातचीत बहुत छोटी थी, उससे किसी तरह की ठोस जानकारी नहीं मिलती."

विमान में थे वरिष्ठ और अनुभवी पायलट्स 

इस दुर्घटना के दौरान विमान के कमांडर 56 वर्षीय सुमीत सभरवाल थे, जिनके पास 15,638 घंटे की उड़ान का अनुभव था. उनके को-पायलट क्लाइव कुंदर थे, जिनकी उम्र 32 वर्ष थी और उनके पास 3,403 घंटे का अनुभव था.

जांच पारदर्शी और पेशेवर: मंत्री राम मोहन नायडू

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा, "AAIB ने एक चुनौतीपूर्ण लेकिन बेहद पारदर्शी और पेशेवर जांच की है. मंत्रालय इस रिपोर्ट का गहन विश्लेषण कर रहा है. कृपया किसी नतीजे पर अभी न पहुंचे. अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही कोई पक्की बात कही जा सकती है." First Updated : Saturday, 12 July 2025