सोमवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट की एक फ्लाइट से दो यात्रियों को विमान से उतारना पड़ा. यह घटना तब हुई जब फ्लाइट नंबर SG9282 मुंबई के लिए उड़ान भरने के लिए टैक्सीइंग कर रही थी. फ्लाइट राडार 24 की जानकारी के अनुसार, यह फ्लाइट दोपहर 12:30 बजे उड़ान भरनी थी, लेकिन सात घंटे से अधिक की देरी के बाद शाम 7:21 बजे रवाना हुई.
स्पाइसजेट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 14 जुलाई 2025 को विमान उड़ान भरने के दौरान अड़चन आ गई, जिसके कारण विमान को वापस लौटना पड़ा. इस दौरान दो यात्री विमान में उपद्रव मचाने लगे और जबरदस्ती कॉकपिट में घुसने का प्रयास करने लगे. इस व्यवहार के कारण केबिन क्रू और अन्य यात्रियों की सुरक्षा को खतरा महसूस किया गया. जब दोनों यात्रियों ने अपनी सीटों पर वापस जाने से इनकार किया, तो कैप्टन ने सुरक्षा को देखते हुए विमान को बे में लाने का निर्णय लिया और इन दोनों यात्रियों को विमान से उतार दिया गया. इसके बाद दोनों यात्रियों को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के हवाले कर दिया गया.
इस घटना से फ्लाइट की उड़ान में काफी देर हुई, जो आम यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी. हालांकि, स्पाइसजेट ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और इस तरह की अनुचित हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. दूसरी घटना पुणे से दिल्ली के बीच उड़ान भरने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-914 के साथ हुई. इस फ्लाइट को उड़ान भरने से ठीक पहले तकनीकी खराबी के कारण रद्द करना पड़ा. फ्लाइट पहले ही रनवे पर पहुंच चुकी थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से उड़ान को रोक दिया गया.
यात्रियों ने इस फ्लाइट के नौ घंटे देरी से रवाना होने का दावा किया, लेकिन स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने इसे गलत बताया और कहा कि फ्लाइट का निर्धारित समय शाम 5:15 था, जबकि फ्लाइट रात 9:05 बजे उड़ान भर पाई. कंपनी ने कहा कि उड़ान में देरी और रद्दीकरण के पीछे मुख्य कारण तकनीकी और सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं थीं.
दोनों घटनाओं ने एयरलाइन के संचालन और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए हैं. स्पाइसजेट ने यात्रियों से सहनशीलता और समझदारी दिखाने की अपील की है. साथ ही एयरलाइन ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल और तकनीकी जांचों को और मजबूत किया जाएगा.
इस तरह की घटनाएं एयरलाइन उद्योग के लिए एक चुनौती हैं, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि होती है, इसलिए ऐसे कठोर निर्णय लिए जाते हैं. यात्रियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए अनुशासन बनाये रखना चाहिए, ताकि सभी का सफर सुरक्षित और सुखद हो सके. First Updated : Tuesday, 15 July 2025