आप राष्ट्रपति और आदिवासी महिला का सम्मान नहीं करते...पुरानी फोटो दिखाकर CM ममता ने PM मोदी पर किया पलटवार
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति के सम्मान पर प्रधानमंत्री मोदी के आरोपों का कड़ा जवाब दिया है. उन्होंने एक तस्वीर का हवाला देकर केंद्र पर आदिवासी विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया और अपने धरने का बचाव किया.

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सम्मान को लेकर छिड़ी बहस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार किया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा उन्हें और उनकी सरकार को बलि का बकरा बनाना शुरू कर देती है. ममता ने प्रोटोकल उल्लंघन के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए केंद्र की मंशा पर सवाल उठाए हैं. यह राजनीतिक विवाद अब एक नई दिशा ले चुका है. जहाँ दोनों पक्ष एक-दूसरे पर संवैधानिक अनादर का आरोप लगा रहे हैं.
चुनाव के समय जानबूझकर घसीटा जाता
आपको बता दें कि ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हर चुनाव के समय उनकी सरकार को जानबूझकर विवादों में घसीटा जाता है. उन्होंने केंद्र को चेतावनी देते हुए कहा कि हर बात के लिए राज्य को जिम्मेदार ठहराना बंद किया जाए. मुख्यमंत्री के अनुसार. प्रधानमंत्री वोट हासिल करने के लिए बंगाल की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने इसे केंद्र सरकार की एक सोची-समझी साजिश करार दिया. जिसका उद्देश्य वास्तविक प्रशासनिक मुद्दों से ध्यान भटकाकर केवल चुनावी फायदा उठाना है.
🔴#BreakingNews | Bengal CM Mamata Banerjee responds to Prime Minister, shows photograph from 2024 LK Advani Bharat Ratna event, accuses PM Modi of disrespecting President Draupadi Murmu as PM was seen seated in the photo while President was conferring award to Mr Advani pic.twitter.com/woEhaaSTWX
— Indrajit Kundu | ইন্দ্রজিৎ (@iindrojit) March 8, 2026
आयोजन स्थल पर पहले दी थी चेतावनी
राष्ट्रपति के कार्यक्रम स्थल को लेकर उपजे विवाद पर सफाई देते हुए ममता ने एक महत्वपूर्ण खुलासा किया. उन्होंने बताया कि आयोजन की जगह को लेकर उन्होंने पहले ही अपनी आपत्ति लिखित पत्र के जरिए दर्ज कराई थी. इतना ही नहीं. उन्होंने फेसबुक पर भी अपनी चिंताएं साझा की थीं. ममता का दावा है कि केंद्र ने उनकी सभी चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया और अब जब मामला तूल पकड़ चुका है. तो सारा दोष बंगाल सरकार पर डाला जा रहा है.
तस्वीर दिखाकर प्रधानमंत्री पर हमला
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने एक खास तस्वीर का सहारा लेकर सीधे प्रधानमंत्री पर निशाना साधा. इस तस्वीर में राष्ट्रपति मुर्मू लालकृष्ण आडवाणी को सम्मानित कर रही हैं. जहाँ राष्ट्रपति खड़ी हैं और मोदी पास में बैठे हुए हैं. ममता ने कहा कि यह तस्वीर प्रधानमंत्री के मन में आदिवासी नेताओं के प्रति सम्मान की कमी को उजागर करती है. उन्होंने कटाक्ष किया कि जो लोग उन्हें शिष्टाचार सिखा रहे हैं. वे खुद देश की सर्वोच्च गरिमा का अपमान कर रहे हैं.
जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही
राष्ट्रपति के स्वागत के लिए न पहुँचने की आलोचना का जवाब देते हुए ममता ने अपने धरने को प्राथमिकता दी. वह कोलकाता में एसआईआर के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही हैं. जो तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वह जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं और उनके लिए जनहित से ऊपर कुछ भी नहीं है. उन्होंने आलोचकों को याद दिलाया कि वे प्रोटोकॉल से ज्यादा लोगों की लड़ाई को महत्व देती हैं.
महिलाओं के सम्मान पर स्पष्ट रुख
प्रधानमंत्री द्वारा 'मातृशक्ति के अपमान' के आरोपों पर ममता ने कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अटूट है और इसके लिए उन्हें किसी की सलाह की जरूरत नहीं है. वह बचपन से ही इन परंपराओं का पालन कर रही हैं. ममता ने कहा कि वह महिला दिवस का जश्न हजार बार मनाने को तैयार हैं. उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि कोई भी बाहरी व्यक्ति उन्हें यह न बताए कि महिलाओं की गरिमा का सम्मान कैसे करना चाहिए.


