कांग्रेस पार्टी ने नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दायर आरोप पत्र को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपनाई गई प्रतिशोध और धमकी की राजनीति का हिस्सा बताया है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने गृह मंत्री अमित शाह पर भी तीखा हमला किया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों को जब्त करना एक राज्य प्रायोजित अपराध है, जिसे कानून की आड़ में अंजाम दिया जा रहा है. राहुल गांधी, सोनिया गांधी और अन्य नेताओं के खिलाफ आरोप पत्र दायर करना केवल बदले की भावना से प्रेरित है. कांग्रेस को इस तरह डराया नहीं जा सकता. सत्य की जीत होगी.
प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप पत्र धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत दाखिल किया है. इसमें पीएमएलए की धारा 3, 4, 44, 45 और 70 का उल्लेख किया गया है. इस मामले में राहुल और सोनिया गांधी के अलावा कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा और सुमन दुबे का नाम भी शामिल है.
इस केस की सुनवाई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में हो रही है. अदालत ने मामले को 25 अप्रैल 2025 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है. अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय और जांच अधिकारी के विशेष वकील से कहा है कि वे अगली सुनवाई पर केस डायरी प्रस्तुत करें.
यह मामला भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर चल रहा है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और उनसे जुड़ी संस्थाओं पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं. कांग्रेस का कहना है कि इन कार्रवाइयों का मकसद विपक्ष को दबाना है, लेकिन पार्टी और उसका नेतृत्व झुकेगा नहीं. First Updated : Tuesday, 15 April 2025