नई दिल्ली: दिल्ली और उत्तर भारत में सर्दी का मौसम शुरू होते ही कोल्ड वेव की चिंता बढ़ गई है. मौसम विभाग (IMD) ने इस बार लोगों को पहले से बेहतर चेतावनी देने का ऐलान किया है. अब कोल्ड वेव का पूर्वानुमान घंटे के हिसाब से मिलेगा, ताकि आप सुबह, दोपहर, शाम या रात के हिसाब से अपनी दिनचर्या प्लान कर सकें. यह बदलाव कोल्ड वेव की सटीकता बढ़ाने के लिए है, जो जलवायु परिवर्तन के कारण और खतरनाक हो रही है.
समय के हिसाब से मिलेगा अलर्ट
पहले IMD सिर्फ कोल्ड वेव या कोल्ड डे का सामान्य अनुमान लगाता था. अब विशेष बुलेटिन में बताया जाएगा कि शीतलहर कब और किस समय सबसे ज्यादा असर करेगी. उदाहरण के लिए, अगर रात में ठंड बढ़ेगी तो रात के कार्यक्रम रद्द करने की सलाह दी जाएगी. इससे बुजुर्गों और बच्चों को खतरे से बचाया जा सकेगा. IMD का कहना है कि यह हर घंटे अपडेटेड अलर्ट लोगों की जान बचाने में मदद करेगा.
इस साल कोल्ड वेव कितनी लंबी चलेगी ?
IMD के अनुसार, इस सर्दी में कोल्ड वेव सामान्य से 3-5 दिन ज्यादा यानी 7-8 दिन तक रह सकती है. दिसंबर के आखिर और जनवरी की शुरुआत में यह पीक पर होगी. कोल्ड वेव न्यूनतम तापमान पर आधारित होती है, जो सुबह 3-5 बजे सबसे ज्यादा ठंडक लाती है. ओस की बूंदें जमीन को और ठंडा कर देती हैं, जिससे फ्रॉस्ट भी दिख सकता है.
बता दें, कोल्ड डे अधिकतम तापमान पर निर्भर है, जब दिन में भी बर्फीली हवाएं चलती हैं और सूरज की गर्मी न के बराबर मिलती है. इससे डिहाइड्रेशन और बीमारियां बढ़ती हैं.
कोल्ड वेव से कैसे बचें ?
जलवायु परिवर्तन ने कोल्ड वेव को जानलेवा बना दिया है. दिन में 3-4 दिन ऐसी ठंड से हजारों प्रभावित होते हैं. बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, गर्म पानी पिएं और घर से बाहर कम निकलें. खासकर सुबह-शाम सावधानी बरतें. IMD की घंटेवार चेतावनी से लोग पहले से तैयारी कर सकेंगे. First Updated : Thursday, 11 December 2025