नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने मंगलवार 24 मार्च 2026 को विधानसभा में 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने इस बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क-इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण को प्रमुख प्राथमिकता दी है. पहली बार MCD को 11,666 करोड़ और दिल्ली जल बोर्ड को 9,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं.
सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में कई छात्र-हितकारी घोषणाएं की है. सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली 9वीं कक्षा की हर छात्रा को उपहार स्वरूप साइकिल दी जाएगी. वहीं, 10वीं कक्षा के मेधावी छात्रों को लैपटॉप प्रदान किए जाएंगे.
इसके अलावा, 8,777 कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड लगाए जाएंगे. स्मार्ट क्लास प्रोजेक्ट के लिए 150 करोड़ रुपये का फंड रखा गया है. ये कदम छात्रों की स्किल, स्पीड और स्ट्रेंथ बढ़ाने के लिए उठाए गए हैं.
बजट में सड़कों और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़ा प्रावधान किया गया है. PWD विभाग को 5,921 करोड़ रुपये दिए गए हैं. सड़कों को धूल-मुक्त बनाने और सड़क नेटवर्क सुधारने के लिए 1,392 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
लंबे समय से अटके बारापुला कॉरिडोर प्रोजेक्ट के लिए 210 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. 52,000 किलोमीटर बिजली की तारों को भूमिगत करने के लिए 200 करोड़ रुपये दिए गए हैं. यमुना पार (पूर्वी दिल्ली) के पहले चरण के विकास के लिए भी 300 करोड़ रुपये का विशेष फंड रखा गया है.
रेखा गुप्ता ने सदन को बताया कि दिल्ली अब प्रति व्यक्ति आय के मामले में देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है. पिछले साल सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश किया था. इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च पहले सिर्फ 6-7 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 28 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.
यह बजट शिक्षा को आधुनिक बनाने, छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने और शहर को और विकसित बनाने की दिशा में सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति को दिखाता है. छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षा को बढ़ावा देने वाले इन ऐलानों से दिल्ली के युवा पीढ़ी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने में मदद मिलेगी. First Updated : Tuesday, 24 March 2026