नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली का बाहरी हिस्सा एक बार फिर गोलियों की गूंज से दहल उठा है. बवाना के व्यस्त औद्योगिक क्षेत्र में अपराधियों ने प्रशासनिक इकबाल को ठेंगा दिखाते हुए एक व्यवसायी को मौत के घाट उतार दिया. दोपहर के वक्त जब सड़कों पर काफी भीड़ थी, तब बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया. इस कत्ल ने न केवल पुलिस सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि वहां कार्यरत अन्य व्यापारियों के मन में गहरे असुरक्षा और भय का भाव भर दिया है.
आपको बता दें कि दोपहर करीब एक बजे बवाना की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया जब लोगों ने एक कारोबारी को अपनी जान बचाने के लिए भागते देखा. तीन-चार हमलावरों ने मोटरसाइकिल पर उसका पीछा किया और उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं. व्यापारी ने बचने की हर मुमकिन कोशिश की, मगर हत्यारों ने उसे घेरकर शरीर में कई गोलियां उतार दीं. लहूलुहान हालत में वह जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया. इस मंजर को देख लोग सहम गए.
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बल ने पूरे इलाके की नाकेबंदी कर दी. शुरुआती जांच में इसे लूट की कोशिश के दौरान की गई हत्या माना जा रहा है. अंदेशा है कि अपराधियों ने पहले कीमती सामान छीनने का प्रयास किया होगा और विरोध करने पर फायरिंग कर दी. हालांकि, पुलिस आपसी रंजिश और पुरानी दुश्मनी के बिंदुओं पर भी गहराई से पड़ताल कर रही है. आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि मोटरसाइकिल सवार हमलावरों का कोई सुराग मिल सके.
बाहरी दिल्ली के बवाना और नरेला इलाके अब धीरे-धीरे संगठित अपराध के गढ़ बनते जा रहे हैं. इन क्षेत्रों में स्थानीय गिरोहों का जबरदस्त आतंक है, जो अक्सर फैक्ट्री मालिकों से सुरक्षा के नाम पर भारी रकम वसूलते हैं. रंगदारी न देने पर या पुलिस को सूचना देने पर जानलेवा हमले किए जाते हैं. यही कारण है कि यहां के प्लास्टिक और जूता कारोबारी हमेशा डरे हुए रहते हैं और किसी भी समय अनहोनी की आशंका उन्हें हर पल सताती रहती है. सुरक्षा के दावे विफल हैं.
इस औद्योगिक क्षेत्र में व्यापारियों पर होने वाले ये हमले कोई नई बात नहीं हैं. पिछले साल अक्टूबर में भी एक व्यवसायी को रंजिश के चलते गोलियों से भून दिया गया था. उससे पहले भी एक फैक्ट्री मालिक की लूटपाट के दौरान बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. बार-बार होने वाली ऐसी हिंसक घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि पुलिस की गश्त के दावे जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं. अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और भाग रहे हैं. पुलिस मौन है.
दिनदहाड़े हुई इस हत्या के बाद बवाना के व्यापारी समुदाय में गहरा रोष व्याप्त है. उनका कहना है कि पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने में पूरी तरह नाकाम रही है. लगातार बढ़ते अपराधों के कारण अब यहां सुरक्षित होकर व्यापार करना नामुमकिन सा होता जा रहा है. अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो व्यापारी सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे. फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और व्यापारियों ने पुलिस और प्रशासन से बेहतर सुरक्षा की गुहार लगाई है. First Updated : Monday, 09 February 2026