नई दिल्ली: दिल्ली में शनिवार की सुबह धुंध और कोहरे की चादर के साथ हुई, लेकिन सबसे बड़ी चिंता राजधानी की लगातार बिगड़ती एयर क्वालिटी को लेकर है. हवा की गुणवत्ता में गिरावट का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा और शनिवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 387 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी के बेहद करीब है.
हफ्ते की शुरुआत में जहां प्रदूषण से थोड़ी राहत के संकेत मिले थे, वहीं सप्ताह के अंत तक हालात फिर पलट गए. कोहरे और स्मॉग के मेल ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. सड़कों पर विजिबिलिटी घटी है और सांस से जुड़ी दिक्कतों वाले लोगों के लिए जोखिम और बढ़ गया है.
लगातार नौ दिनों तक ‘बहुत खराब’ श्रेणी की हवा झेलने के बाद मंगलवार को दिल्लीवासियों को थोड़ी राहत मिली थी, जब औसत AQI घटकर 282 पहुंचा और स्थिति ‘खराब’ श्रेणी में आ गई. बुधवार को हालात कुछ और सुधरे और AQI 259 दर्ज किया गया. हालांकि यह राहत ज्यादा देर टिक नहीं सकी. गुरुवार को AQI फिर बढ़कर 307 पहुंच गया, शुक्रवार को यह तेजी से 349 तक पहुंचा और शनिवार को हालात और बिगड़ते हुए 387 दर्ज किए गए. इससे दिल्ली की हवा एक बार फिर ‘गंभीर’ श्रेणी के मुहाने पर खड़ी है.
दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर बेहद चिंताजनक बना हुआ है. 18 क्षेत्रों में AQI 400 के पार रिकॉर्ड किया गया.
इलाका AQI
वजीरपुर 443
जहांगीरपुरी 439
विवेक विहार 437
रोहिणी और आनंद विहार 434
अशोक विहार 431
सोनिया विहार, DTU 427
नरेला 425
बवाना 424
नेहरू नगर 421
पटपड़गंज 419
ITO 417
पंजाबी बाग 416
मुंडका 415
बुराड़ी 413
चांदनी चौक 412
DU नॉर्थ कैंपस 401
शनिवार सुबह हल्की धुंध के साथ कई इलाकों में घना स्मॉग छाया रहा. इसकी वजह से दृश्यता काफी कम हो गई. बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए यह स्थिति खास तौर पर खतरनाक मानी जा रही है.
मौसम और प्रदूषण के असर से दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर भी लो विजिबिलिटी अलर्ट जारी किया गया है. दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई है, जिससे उड़ानों के संचालन पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है.
दिल्ली के साथ-साथ पूरे एनसीआर में प्रदूषण का स्तर गंभीर बना हुआ है. गाजियाबाद और नोएडा में AQI 422 दर्ज किया गया, जो सीधे ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है. वहीं गुरुग्राम का AQI 295 और फरीदाबाद का 208 रहा, जो ‘खराब’ श्रेणी में गिने जाते हैं.
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की जहरीली हवा से गंभीर श्वसन समस्याएं बढ़ रही हैं. अस्थमा के दौरे बढ़ने, दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा बढ़ने की आशंका जताई गई है. इसके अलावा डायबिटीज और उच्च रक्तचाप नियंत्र पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक लंबे समय तक इस हवा के संपर्क में रहने से बच्चों के फेफड़ों को भी नुकसान हो सकता है.
वही आज सुबह न्यूनतम तापमान करीब 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है.
First Updated : Saturday, 13 December 2025