नई दिल्ली: दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार शाम हुए ब्लास्ट ने पूरे शहर में दहशत मचा दी. इस हमले में अब तक 10 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से ज्यादा घायल हैं. जांच की जिम्मेदारी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी गई है, जो हर पहलू की जांच कर यह पता लगाएगी कि इसके पीछे पाकिस्तान या कोई अन्य बाहरी संगठन है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकियों का प्लान बेहद संगठित और खतरनाक था. उनका उद्देश्य दिवाली जैसे बड़े त्योहार के मौके पर राजधानी को हिला देना था. हालांकि, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने समय रहते इस योजना को नाकाम कर दिया.
सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों में अदनान खान का नाम सामने आया. उसे आतंक के आकाओं द्वारा निर्देश दिया गया था कि वह दिवाली के दिन दिल्ली में कोई बड़ा हमला करे. इसके लिए उसने साकेत नगर स्थित एक मॉल को निशाना बनाया था, लेकिन दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अदनान और उसके साथी को गिरफ्तार कर पूरे प्लान को विफल कर दिया.
दिवाली की साजिश नाकाम होने के बाद आतंकियों ने 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस को अपना नया निशाना बनाया. हालांकि, अहमदाबाद, फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर में हुई सुरक्षा कार्रवाई ने उनके इस प्लान को भी विफल कर दिया.
बम विस्फोट में मारे गए आतंकी डॉक्टर मोहम्मद उमर ने लाल किले के पास इस हमले को अंजाम दिया. इस हमले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 24 घंटे बीत जाने के बावजूद किसी आतंकी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली. भारत में चलती कार में हुए इस धमाके को सुरक्षा एजेंसियों के लिए नया और चुनौतीपूर्ण मामला माना जा रहा है.
विशेष रूप से, इस घटना के तार पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर से जोड़े जा रहे हैं, लेकिन वहां से कोई आधिकारिक जिम्मेदारी की घोषणा नहीं हुई है First Updated : Wednesday, 12 November 2025