मेट्रो स्टेशन से लेकर अस्पताल तक, दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, बदले जाएंगे कई नाम

दिल्ली सरकार ने कई मेट्रो स्टेशन, अस्पताल, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और चौराहों के नाम बदलने को मंजूरी दी है. सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों को स्थानीय पहचान और प्रमुख हस्तियों से जोड़कर राजधानी की सांस्कृतिक छवि मजबूत करना है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

दिल्ली: रेखा गुप्ता सरकार ने राजधानी के कई प्रमुख सार्वजनिक स्थलों के नाम बदलने का अहम फैसला लिया है. सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित स्टेट नेम्स अथॉरिटी की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. फैसले के तहत मेट्रो स्टेशन, अस्पताल, खेल परिसर और महत्वपूर्ण चौराहों के नाम नए स्वरूप में रखे जाएंगे. 

सरकार का क्या कहना है? 

सरकार का कहना है कि इन बदलावों का मकसद शहर की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना और सार्वजनिक स्थलों को स्थानीय व ऐतिहासिक व्यक्तित्वों से जोड़ना है. बैठक में राजधानी के कई मेट्रो स्टेशनों के नाम बदलने पर सहमति बनी. इसके तहत रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन का नया नाम ‘डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर हॉस्पिटल मेट्रो स्टेशन’ रखा जाएगा. वहीं, रोहिणी ईस्ट मेट्रो स्टेशन को आसान और संक्षिप्त पहचान देने के लिए अब सिर्फ ‘रोहिणी मेट्रो स्टेशन’ कहा जाएगा. इसके अलावा द्वारका मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर ‘द्वारका-ककरोला मेट्रो स्टेशन’ करने का फैसला लिया गया है. सरकार का मानना है कि इन नए नामों से यात्रियों को स्थानीय इलाकों की बेहतर पहचान मिल सकेगी.

दिल्ली के बेगमपुर क्षेत्र में तैयार हो रहे नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को भी नया नाम दिया गया है. इस परिसर को अब ‘अटल खेल परिसर’ के नाम से जाना जाएगा. सरकार ने यहां पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापित करने का भी निर्णय लिया है. अधिकारियों के अनुसार, यह कदम अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से उठाया गया है.

बदला जाएगा अस्पताल का नाम 

इसके अलावा ज्वालापुरी इलाके में बन रहे अस्पताल का नाम ‘बाबा रामदेवजी महाराज अस्पताल’ रखा जाएगा. वहीं, शकूरपुर स्थित प्रसिद्ध ब्रिटानिया चौक का नाम बदलकर वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व सांसद अश्विनी चोपड़ा के नाम पर करने की मंजूरी दी गई है.

सरकार का कहना है कि राजधानी के सार्वजनिक स्थलों के नामकरण में स्थानीय इतिहास, सामाजिक योगदान और राष्ट्रीय व्यक्तित्वों को प्राथमिकता दी जा रही है. प्रशासन के मुताबिक, इस पहल से लोगों को शहर की विरासत और प्रमुख हस्तियों के योगदान के बारे में नई पहचान मिलेगी. साथ ही, इससे दिल्ली की सांस्कृतिक छवि को भी और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

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