Traffic Challan Settlement: दिल्ली में आज लगेगी लोक अदालत, कम जुर्माने मे निपटाएं पुराने चालान और विवाद

दिल्ली में आज राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जहां ट्रैफिक चालान और अन्य लंबित मामलों के निपटारे का बड़ा मौका मिलेगा. कम जुर्माने और आपसी सहमति से मामलों को जल्दी सुलझाने की सुविधा दी जा रही है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आज राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जो आम लोगों के लिए लंबित मामलों के निपटारे का बड़ा अवसर लेकर आया है. यह पहल खासतौर पर उन लोगों के लिए राहतभरी साबित हो सकती है, जो लंबे समय से अपने मामलों के समाधान का इंतजार कर रहे हैं.

दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) की ओर से आयोजित इस लोक अदालत का उद्देश्य अधिक से अधिक मामलों को आपसी सहमति से सुलझाना है, ताकि लोगों को अदालतों के चक्कर न लगाने पड़ें और समय व धन दोनों की बचत हो सके.

इन अदालत परिसरों में होगा आयोजन

यह लोक अदालत कड़कड़डूमा, साकेत, पटियाला हाउस, राउज एवेन्यू, द्वारका, रोहिणी और तीस हजारी समेत सभी जिला अदालत परिसरों में आयोजित की जा रही है. यह आयोजन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा, जिसमें बड़ी संख्या में मामलों के निपटारे की तैयारी की गई है.

ट्रैफिक चालानों के निपटारे का सुनहरा मौका

इस लोक अदालत में विशेष रूप से 30 नवंबर 2025 तक के लंबित ट्रैफिक चालानों को निपटाने पर जोर दिया जाएगा. लोगों को कम जुर्माने में अपने चालान खत्म कराने का मौका मिलेगा. इसके लिए लगभग 200 विशेष बेंच बनाई गई हैं और करीब दो लाख चालानों के निपटारे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. ऐसे में यह उन लोगों के लिए बेहतरीन अवसर है, जिनके चालान लंबे समय से लंबित हैं.

इन मामलों का भी होगा समाधान

ट्रैफिक चालानों के अलावा, इस लोक अदालत में चेक बाउंस, वसूली से जुड़े मामले, मोटर दुर्घटना दावे, श्रम विवाद, बिजली और पानी के बिल से संबंधित विवाद तथा वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर) जैसे मामलों का भी निपटारा किया जाएगा. इन सभी मामलों को आपसी सहमति के आधार पर सुलझाया जाएगा, जिससे दोनों पक्षों को राहत मिल सके.

ऐसे करें भागीदारी

लोक अदालत में भाग लेने के लिए लोगों को अपने डाउनलोड किए गए ट्रैफिक चालान का प्रिंट और संबंधित दस्तावेज लेकर कड़कड़डूमा, साकेत, पटियाला हाउस, राउज एवेन्यू, द्वारका, रोहिणी और तीस हजारी समेत किसी भी नजदिकी अदालत परिसर में पहुंचना होगा. वहां निर्धारित बेंच पर सुनवाई के दौरान मौके पर ही मामलों का समाधान किया जाएगा.

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