रेप-कत्ल के बाद भी बेखौफ! IRS अफसर की बेटी की मौत के आरोपी राहुल को कोई अफसोस क्यों नहीं ?
IRS अधिकारी की बेटी की हत्या के मामले में आरोपी राहुल मीणा का बयान सुनकर पुलिस हैरान रह गई. पूछताछ के दौरान उसने ठंडे दिमाग से कबूल किया कि वह पैसे चुराने आया था. हत्या पर उसे कोई पछतावा नहीं है और वारदात के बाद भी उसका रवैया पूरी तरह बेफिक्र बना रहा.

दिल्ली के पॉश इलाके में आईआरएस अधिकारी की बेटी की निर्मम हत्या का मामला जांच के दौरान और भी चौंकाने वाला होता जा रहा है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी राहुल मीणा ने गिरफ्तारी के बाद इतना शांत और भावनाहीन व्यवहार दिखाया कि जांच टीम हैरान रह गई. पूछताछ के दौरान आरोपी में न तो कोई घबराहट नजर आई और न ही अपने किए पर कोई पछतावा.
हत्या के बाद घर में खून से सना फर्श और क्रूरता के सबूतों के बावजूद आरोपी सामान्य अंदाज में बिल्डिंग से बाहर निकला. सब कुछ सामान्य दिखाने के लिए उसने मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया और फोन पर बात करने का नाटक करते हुए बाहर चला गया. इस घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है.
पूछताछ में चौंकाने वाले बयान
पूछताछ के दौरान आरोपी राहुल मीणा का रवैया बेहद लापरवाह रहा. सामान्य जघन्य अपराधों में आरोपी घबराहट या पश्चाताप दिखाते हैं, लेकिन यहां आरोपी ने ठंडे स्वर में कहा, 'चोरी करने का अफसोस नहीं है, पर मरना नहीं चाहिए था. हो गया.' जब पुलिस ने उससे पूछा कि क्या उसे अपने किए का डर नहीं है, तो उसने जवाब दिया, 'मैं पैसे लेने के इरादे से आया था, मुझे किसी भी हाल में पैसे चाहिए थे.'
परिवार से जुड़े रहने के बावजूद वारदात
आरोपी ने कबूल किया कि वह मृतका के परिवार के साथ पिछले 7-8 महीनों से काम कर रहा था. जब उससे पूछा गया कि क्या उसे उनके लिए बुरा नहीं लगा, तो उसने कहा, वो लोग मेरे लिए भगवान जैसे थे, बहुत अच्छे थे… लेकिन मुझे पैसे चाहिए थे. सूत्रों के मुताबिक, आरोपी को पहले से ही अंदेशा था कि चोरी के बाद वह पकड़ा जाएगा, फिर भी उसने वारदात को अंजाम दिया क्योंकि उसे लगा कि कम से कम पैसे उसके परिवार तक पहुंच जाएंगे.
लड़की को कैसे किया बेहोश?
आरोपी ने घर में घुसने के लिए चार लॉक पार किए, जिनमें से तीन पासकोड वाले थे. वह सीधे छत पर बने स्टडी रूम तक पहुंच गया, जहां आईआरएस अधिकारी की बेटी यूपीएससी की तैयारी कर रही थी. उस समय अधिकारी अपनी पत्नी के साथ जिम गए हुए थे और घर खाली था. आरोपी करीब एक घंटे तक घर में रुका रहा. पहले उसने लड़की से पैसे मांगे. जब उसने मना कर दिया तो आरोपी ने उसके सिर पर लैंप जैसी भारी चीज से वार कर दिया. खून बहते ही वह बेहोश हो गई. इसके बाद आरोपी ने गला घोंटकर बेहोश लड़की के साथ रेप किया. फिर उसने खून से सनी उंगलियों से लॉकर खोलने की कोशिश की, लेकिन बायोमेट्रिक्स काम नहीं किया. पुलिस को शक है कि तब तक लड़की की मौत हो चुकी थी.
हत्या कैसे हुई?
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पैसे और गहने चुराने के इरादे से घर में दाखिल हुआ था. इसी दौरान पीड़िता ने शोर मचाया और उसे रोकने की कोशिश की.आरोपी के अनुसार, 'दीदी चिल्लाने लगीं, तो मैंने लैंप से वार किया… वो बेहोश हो गईं.' इसके बाद उसने बार-बार यही कहा कि वह मारना नहीं चाहता था और यह सब 'यूं ही हो गया.' आरोपी ने यह भी कहा कि अगर उस समय पैसा मिल गया होता, तो यह वारदात नहीं होती.
मीडिया के साथ हुई बातचीत
मीडिया के मुताबिक, जब जांचकर्ताओं ने आरोपी राहुल मीणा से पूछा कि उसने ये सब क्यों किया तो उसने कहा, बस यूं ही हो गया. जिस आईआरएस अधिकारी के परिवार ने उसके साथ अच्छा व्यवहार किया, उसे 20 हजार रुपये सैलरी के अलावा बोनस भी दिया, उनकी बेटी के साथ ऐसी दरिंदगी कर उसने हाउस हेल्प पर से विश्वास ही हिला दिया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी अधिकारी की पत्नी को आंटी कहता था. घर में घुसने के लिए उसने उनके नाम का ही इस्तेमाल किया. उसने कहा कि आंटी ने पैसे देने के लिए बुलाया था.
आरोपी को साकेत कोर्ट ने भेजा पुलिस हिरासत में
साकेत कोर्ट ने आरोपी राहुल मीणा को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. पुलिस अब पूरे घटनाक्रम को फोरेंसिक और डिजिटल सबूतों के आधार पर दोबारा समझने की कोशिश कर रही है ताकि अपराध के असली मकसद का पता लगाया जा सके. दिल्ली के पॉश इलाके में हुई इस घटना ने पूरे समाज को हिला कर रख दिया है.
पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
दिल्ली पुलिस के सूत्रों का कहना है कि आरोपी की यह भावनाहीन और सामान्य प्रतिक्रिया जांच एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है. पुलिस मनोवैज्ञानिक पहलू से भी आरोपी के व्यवहार का विश्लेषण कर रही है. फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है और पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है.


