'अगर दीदी पैसे दे देती...', दिल्ली में IRS अधिकारी की बेटी हत्याकांड में आरोपी का कबूलनामा

नई दिल्ली के कैलाश हिल्स हत्याकांड में आरोपी राहुल मीना ने पूछताछ में चौंकाने वाला बयान दिया "अगर दीदी पैसे दे देती तो ऐसा नहीं होता". इस केस में हत्या, लूट और दुष्कर्म से जुड़े कई सनसनीखेज खुलासे सामने आए हैं.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: दिल्ली के कैलाश हिल्स इलाके में हुए सनसनीखेज हत्याकांड में नया और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. आईआरएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी की हत्या और दुष्कर्म के आरोपी 19 वर्षीय राहुल मीना ने पूछताछ के दौरान दावा किया है कि उसका मकसद हत्या करना नहीं था, बल्कि वह पैसे लेने के इरादे से घर में घुसा था.

आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कहा, "अगर दीदी पैसे दे देती तो ऐसा नहीं होता." इस बयान ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी का व्यवहार जांच के दौरान असामान्य रूप से शांत रहा और उसमें पछतावे के स्पष्ट संकेत नहीं दिखे.

अलवर से दिल्ली तक: वारदात की पूरी कहानी

राहुल मीना, जो पहले पीड़िता के परिवार के यहां घरेलू सहायिका के तौर पर काम कर चुका था, को चोरी और उधारी की आदतों के चलते नौकरी छोड़नी पड़ी थी.

घटना से एक दिन पहले वह अलवर में एक शादी में गया, जहां से लौटने के बाद उसने कथित तौर पर एक महिला के साथ यौन उत्पीड़न किया और मोबाइल चोरी कर लिया.

पकड़े जाने के डर से उसने अपने और परिवार के तीन मोबाइल फोन बेच दिए और दिल्ली पहुंचने के लिए टैक्सी किराए पर ली.

घर में घुसकर दिया वारदात को अंजाम

दिल्ली पहुंचने के बाद आरोपी सीधे अपने पूर्व नियोक्ता के घर पहुंचा. घर की संरचना और दिनचर्या से परिचित होने के कारण उसने अतिरिक्त चाबी से अंदर प्रवेश किया और सीधे स्टडी रूम में चला गया.

उस समय पीड़िता पढ़ाई कर रही थी. आरोपी ने कहा, "आंटी ने काम से बुलाया था." इसके बाद उसने पैसे मांगे. इनकार होने पर दोनों के बीच बहस हुई, जो हिंसा में बदल गई.

हमला, दुष्कर्म और हत्या

आरोपी ने लैंप से हमला कर पीड़िता को घायल किया और मोबाइल चार्जिंग केबल से उसका गला घोंट दिया. इसके बाद उसने बेहोशी की हालत में उसके साथ दुष्कर्म किया.

फिर आरोपी उसे सीढ़ियों से घसीटकर नीचे ले गया और लॉकर खोलने के लिए खून से सनी उंगली का इस्तेमाल किया, लेकिन असफल रहा.

लॉकर तोड़कर नकदी और गहने लूटे

बायोमेट्रिक सिस्टम काम न करने पर आरोपी ने स्क्रूड्राइवर से लॉकर तोड़ दिया और नकदी व गहने लेकर फरार हो गया. भागने से पहले उसने खून से सने कपड़े भी बदल लिए.

अदालत में कबूलनामा

न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के दौरान आरोपी ने कहा, "मुझसे अपराध हो गया... गलती हो गई,"
और बार-बार दोहराया, "मैं मारना नहीं चाहता था पर हो गया."

पुलिस जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने कहा, "मुझे किसी भी कीमत पर पैसे चाहिए थे." उसने यह भी स्वीकार किया कि उसे पता था कि चोरी के बाद वह पकड़ा जाएगा, लेकिन वह पैसा अपने परिवार तक पहुंचाना चाहता था.

हालांकि, जांच एजेंसियों को शक है कि आरोपी का इरादा सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि दुष्कर्म भी था.

मनोविश्लेषण की तैयारी

दिल्ली पुलिस अब आरोपी का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण कराने पर विचार कर रही है. इसमें उसके व्यवहार, मानसिक स्थिति और अपराध के पीछे की संभावित वजहों का अध्ययन किया जाएगा.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया

एम्स में हुए पोस्टमार्टम में पुष्टि हुई कि पीड़िता की मौत गला घोंटने से हुई. शरीर पर कई चोटों के निशान मिले, जिनमें हाथ-पैरों और चेहरे पर नील, खरोंच और नाक की हड्डी में फ्रैक्चर शामिल हैं.

गर्दन की मांसपेशियों में रक्तस्राव और थायरॉइड उपास्थि में फ्रैक्चर भी पाया गया, जो गला घोंटने से हुई मौत की ओर इशारा करता है. फोरेंसिक जांच के लिए कई नमूने सुरक्षित रखे गए हैं.

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