नई दिल्ली : गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘एट होम रिसेप्शन’ के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. आरोप है कि कार्यक्रम की थीम पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति पर आधारित होने के बावजूद राहुल गांधी ने पारंपरिक नॉर्थ-ईस्टर्न पटका नहीं पहना. इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों का अपमान करार दिया है.
बीजेपी का आरोप, राष्ट्रपति ने दो बार दिलाया ध्यान
आपको बता दें कि बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वयं राहुल गांधी को दो बार पटका पहनने की याद दिलाई, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने ऐसा नहीं किया. मालवीय ने कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों और विदेशी राजनयिकों तक, सभी अतिथियों ने सम्मान के प्रतीक के रूप में पटका पहना था.
तस्वीरों के जरिए बीजेपी का हमला
अमित मालवीय ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रधानमंत्री मोदी और अन्य विशिष्ट अतिथियों की तस्वीरें साझा कीं, जिनमें सभी पटका पहने नजर आ रहे हैं. वहीं, एक तस्वीर में राहुल गांधी बिना पटके दिखाई दिए, जिसे बीजेपी ने अपनी आलोचना का आधार बनाया और इसे ‘सम्मान और समावेशन की भावना के खिलाफ’ बताया.
असम के मुख्यमंत्री का तीखा बयान
इस मामले में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी राहुल गांधी पर कड़ा हमला बोला. उन्होंने इसे पूर्वोत्तर के प्रति राहुल गांधी की ‘बार-बार दिखाई देने वाली असंवेदनशीलता’ करार दिया. सरमा ने कहा कि यही रवैया कांग्रेस के पूर्वोत्तर में कमजोर होते जनाधार की बड़ी वजह है. उन्होंने राहुल गांधी से बिना शर्त माफी की मांग भी की.
‘पूर्वोत्तर की संस्कृति का अपमान’ बताया
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित सभी विदेशी मेहमानों ने पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक पहचान का सम्मान करते हुए पटका पहना, लेकिन राहुल गांधी का अलग रहना यह संदेश देता है कि वे इस क्षेत्र की परंपराओं के प्रति गंभीर नहीं हैं. उन्होंने इसे पूरे पूर्वोत्तर के लोगों का अपमान बताया.
गैर-मुद्दों पर राजनीति का आरोप
बीजेपी के आरोपों पर कांग्रेस ने भी पलटवार किया. पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा करते हुए दावा किया कि उसी कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी पटका पहने नहीं दिखे. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सवाल उठाया कि क्या असम के मुख्यमंत्री उनसे भी माफी मांगने को कहेंगे या फिर यह सिर्फ राजनीतिक एजेंडे के तहत उठाया गया मुद्दा है.
सियासी बहस तेज, सोशल मीडिया पर आमने-सामने दल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर बीजेपी और कांग्रेस समर्थकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है. एक पक्ष इसे सांस्कृतिक अस्मिता से जोड़कर देख रहा है, तो दूसरा इसे गैर-जरूरी मुद्दा बताकर ध्यान भटकाने की कोशिश करार दे रहा है. फिलहाल यह विवाद राजनीतिक बयानबाज़ी के केंद्र में बना हुआ है.
First Updated : Monday, 26 January 2026