अहमदाबाद में हुई एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 की भीषण दुर्घटना ने विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस हादसे में 265 से अधिक लोगों की जान चली गई, जिसके बाद अब विमानन नियामक महानिदेशालय (DGCA) ने तत्काल कदम उठाते हुए एयर इंडिया के बोइंग ड्रीमलाइनर विमानों की सुरक्षा जांच को और कड़ा कर दिया है.
DGCA ने निर्देश दिया है कि एयर इंडिया के बेड़े में शामिल सभी Boeing 787-8 और 787-9 विमानों की 15 जून से एडवांस्ड सेफ्टी चेकिंग शुरू की जाए. इसमें ईंधन, इंजन और हाइड्रोलिक सिस्टम की गहन जांच शामिल होगी. इन जांचों की रिपोर्ट सीधे DGCA को सौंपी जाएगी.
DGCA द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन तकनीकी हिस्सों और प्रणालियों की जांच की जाएगी, उनमें शामिल हैं:
फ्यूल पैरामीटर मॉनिटरिंग और संबंधित सिस्टम की जांच
कैबिन एयर कंप्रेसर और उससे जुड़ी प्रणालियों की जांच
इलेक्ट्रॉनिक इंजन कंट्रोल सिस्टम का परीक्षण
इंजन फ्यूल-ड्रिवन एक्चुएटर का ऑपरेशनल टेस्ट और ऑयल सिस्टम चेक
हाइड्रोलिक सिस्टम की सेवा-क्षमता की जांच
इसके अलावा, पावर एश्योरेंस चेक दो सप्ताह के भीतर पूरे किए जाएंगे और एक नई प्रक्रिया फ्लाइट कंट्रोल इंस्पेक्शन भी शुरू की जाएगी.
DGCA ने यह भी स्पष्ट किया है कि बीते 15 दिनों में बोइंग ड्रीमलाइनर विमानों में आई रिपीटेटिव तकनीकी खामियों की भी समीक्षा की जाएगी. हर तकनीकी दोष का निवारण जल्द से जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
यह हादसा बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान के इतिहास का पहला बड़ा और घातक हादसा है, जिसे 2011 में पहली बार व्यावसायिक तौर पर उड़ाया गया था. 12 जून को अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद ही यह विमान एक मेडिकल कॉलेज हॉस्टल की इमारत से टकरा गया था, जिसमें सिर्फ एक व्यक्ति की जान बची.
2024 में एक बोइंग इंजीनियर ने 787 ड्रीमलाइनर की संरचनात्मक मजबूती (structural integrity) को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे, हालांकि अभी तक एयर इंडिया के हालिया हादसे और उस इंजीनियर की चेतावनी के बीच कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है.
एयर इंडिया हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए Boeing Airplanes ने एक बयान में कहा कि हम फ्लाइट 171 को लेकर एयर इंडिया के संपर्क में हैं और उनकी हर संभव सहायता के लिए तैयार हैं. First Updated : Saturday, 14 June 2025