क्या इस्तीफा देने वाले हैं धर्मेंद्र प्रधान? संसद मार्च के हंगामे के बीच अमित शाह से की मुलाकात, सियासी माहौल गरमाया

संसद मार्च और पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके संभावित इस्तीफे को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच सोमवार को राजधानी दिल्ली में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गईं. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान एक ओर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके संभावित इस्तीफे को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. हालांकि सरकार या धर्मेंद्र प्रधान की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

कथित पेपर लीक मामले को लेकर CJP पिछले कई दिनों से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है. इसी मांग को लेकर सोमवार को पार्टी ने संसद मार्च का आयोजन किया. प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र, युवा और समर्थक राजधानी की सड़कों पर उतरे. संसद की ओर बढ़ने की कोशिश के दौरान कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति भी बनी.

अमित शाह से मुलाकात के बाद बढ़ीं चर्चाएं

इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब राजधानी में प्रदर्शन अपने चरम पर था. मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. कुछ लोग इसे मौजूदा हालात पर चर्चा से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ इसे संभावित राजनीतिक फैसलों के संकेत के रूप में देख रहे हैं. हालांकि फिलहाल किसी भी तरह के इस्तीफे की पुष्टि नहीं हुई है.

सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जो कथित पेपर लीक मामले को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे, उन्होंने भी सोमवार को अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा कर दी. हालांकि उनके इस फैसले के बाद भी आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम हैं और सरकार से स्पष्ट कदम उठाने की मांग कर रहे हैं.

सरकार से बातचीत के लिए आगे आया CJP

प्रदर्शन के बीच CJP की ओर से सरकार के साथ बातचीत की पहल भी की गई. पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात के लिए रवाना हुआ. मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि वह और आशुतोष रांका पार्टी की ओर से सरकार के साथ चर्चा करने जा रहे हैं. उनका कहना है कि संगठन अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह स्पष्ट है और समाधान बातचीत के माध्यम से निकल सकता है.

सौरव दास बोले- हमारी मांगों में कोई बदलाव नहीं

सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि देशभर से बड़ी संख्या में युवा आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि CJP सरकार से बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी समाधान का आधार उनकी प्रमुख मांगें ही होंगी. उनके अनुसार पार्टी अपने मुद्दों से पीछे हटने वाली नहीं है.

संसद मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई

संसद मार्च के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने शास्त्री भवन के पास लगाए गए बैरिकेड्स हटाने की कोशिश की. इसके बाद सुरक्षा बलों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई शुरू की. स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने कुछ स्थानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया. सुरक्षा एजेंसियों का कहना था कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया.

सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के कई प्रमुख स्टेशनों पर एहतियाती कदम उठाए गए. जनपथ, पटेल चौक, राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों के कुछ प्रवेश द्वार अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए. इस कारण कई यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा और कुछ लोग मेट्रो स्टेशनों के भीतर ही रुक गए. सुरक्षा एजेंसियां पूरे दिन हालात पर नजर बनाए रहीं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.

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