हिमाचल से पंजाब तक कांपी धरती, चंबा सहित कई जिलों में भूकंप के झटके, घरों से बाहर निकले लोग

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा व मंडी सहित कई स्थानों में भूकंप का बड़ा झटका महसूस किया गया है. शुक्रवार की रात करीब 10 बजकर 3 मिनट पर भूकंप का झटका आया.

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कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार रात आए भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को दहशत में ला दिया. रात करीब 10:04 बजे प्रदेश के कई जिलों में धरती कांपी, जिसके बाद लोग घबराकर अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 मापी गई.

भूकंप का केंद्र कहां था? 

भूकंप का केंद्र कांगड़ा और चंबा जिलों की सीमा के पास धर्मशाला क्षेत्र में स्थित था. वैज्ञानिकों के मुताबिक इसका केंद्र जमीन की सतह से लगभग पांच किलोमीटर नीचे था. कम गहराई में आने वाले भूकंपों का असर आमतौर पर अधिक महसूस किया जाता है, यही वजह रही कि इस झटके को प्रदेश के बड़े हिस्से में स्पष्ट रूप से महसूस किया गया.

कांगड़ा, धर्मशाला, पालमपुर, बैजनाथ, चंबा, मंडी और आसपास के कई इलाकों में लोगों ने कंपन महसूस की. अचानक आए झटकों के कारण कई लोग अपने घरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों में पहुंच गए. हालांकि देर रात तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई थी, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली.

विशेषज्ञों का क्या कहना है?

विशेषज्ञों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश का बड़ा हिस्सा भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है. खासतौर पर कांगड़ा जिला देश के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में गिना जाता है और इसे भूकंपीय जोन-5 में रखा गया है. यह वही क्षेत्र है जहां 1905 में इतिहास के सबसे विनाशकारी भूकंपों में से एक दर्ज किया गया था.

4 अप्रैल 1905 को कांगड़ा में आए 7.8 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी. इस प्राकृतिक आपदा में करीब 20 हजार लोगों की जान चली गई थी और हजारों इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई थीं. इसके बाद भी प्रदेश में समय-समय पर कई भूकंप दर्ज होते रहे हैं.

साल 1975 में किन्नौर क्षेत्र में लगभग 6.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसने कई गांवों को प्रभावित किया. इसके अलावा 2001 के गुजरात भूकंप और 2005 के कश्मीर भूकंप के झटके भी हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में महसूस किए गए थे. हाल के वर्षों में कांगड़ा, चंबा और मंडी जिलों में 2 से 4 रिक्टर स्केल के कई छोटे भूकंप दर्ज किए जाते रहे हैं.

ऐसे में शुक्रवार रात आए 5.0 तीव्रता के भूकंप ने लोगों के मन में एक बार फिर बड़े भूकंप की आशंकाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है. हालांकि विशेषज्ञ लगातार सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दे रहे हैं. First Updated : Friday, 05 June 2026