कतर हादसे 12 भारतीयों की मौत के बाद अमीर शेख तमीम ने जताया दुख, PM मोदी से की बातचीत

कतर के रास लाफान एलएनजी संयंत्र में हुए दर्दनाक हादसे के बाद भारत और कतर के शीर्ष नेतृत्व ने संवेदना व्यक्त की है. कतर के अमीर ने व्यक्तिगत रूप से पीएम मोदी से संपर्क करते हुए हादसे में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त की.

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नई दिल्ली: कतर के रास लाफान औद्योगिक क्षेत्र में हुए भीषण एलएनजी संयंत्र हादसे ने भारत और कतर दोनों देशों को गहरे दुख में डाल दिया है. इस दुर्घटना में कई लोगों की जान गई, जिनमें बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की भी थी. हादसे के बाद दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व ने संवेदना व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपना समर्थन जताया है. इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के प्रति आभार व्यक्त किया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि कतर के अमीर ने व्यक्तिगत रूप से उनसे संपर्क किया और हादसे में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त की. प्रधानमंत्री ने इस संवेदनशील पहल के लिए उनका धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने इस दुखद घटना में हुई जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त किया है. साथ ही उन परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया. प्रधानमंत्री ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की.

दोनों देशों ने एकजुटता का दिया संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में भारत और कतर के मजबूत संबंधों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि दोनों देश अपने नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि कठिन समय में भारत और कतर एक-दूसरे के साथ मजबूती से खड़े हैं. दोनों देशों के बीच सहयोग और आपसी विश्वास इस दुखद घटना के दौरान भी स्पष्ट रूप से देखने को मिला है.

हादसे में 12 भारतीयों की हुई मौत

दोहा स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, रास लाफान एलएनजी परिसर में हुए विस्फोट में कुल 13 लोगों की जान गई, जिनमें 12 भारतीय नागरिक शामिल थे. इस खबर के सामने आने के बाद भारत में भी शोक की लहर फैल गई. भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय प्रशासन और प्रभावित परिवारों के संपर्क में है ताकि आवश्यक सहायता और जानकारी उपलब्ध कराई जा सके.

बताया जा रहा है कि विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसका असर घटना स्थल से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित मध्य दोहा तक महसूस किया गया. धमाके के कारण कई इमारतों की खिड़कियां हिल गईं और आसपास के इलाकों में लोगों के बीच घबराहट का माहौल बन गया. स्थानीय लोगों ने अचानक हुए तेज धमाके और उसके बाद फैले कंपन को काफी भयावह बताया.

दर्जनों लोग घायल

कतर के अधिकारियों के मुताबिक, इस हादसे में कम से कम 66 लोग घायल हुए हैं. राहत की बात यह है कि किसी भी घायल की स्थिति फिलहाल गंभीर नहीं बताई गई है और सभी का इलाज जारी है. प्रशासन ने तुरंत बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया था, जिससे स्थिति को जल्द नियंत्रित किया जा सका.

हादसे की वजह पर आया आधिकारिक बयान

विस्फोट के बाद घटना को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन कतर के ऊर्जा मंत्री और कतर एनर्जी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी साद अल-काबी ने स्पष्ट किया कि यह किसी प्रकार की तोड़फोड़ या बाहरी हमले का मामला नहीं है. उन्होंने बताया कि यह एक औद्योगिक दुर्घटना थी. उनके अनुसार, संयंत्र को दिसंबर 2025 से आवश्यक रखरखाव कार्यों के कारण बंद रखा गया था और इसे हाल ही में दोबारा शुरू किया गया था. शुरुआती जानकारी के आधार पर घटना को तकनीकी कारणों से हुई दुर्घटना माना जा रहा है. First Updated : Wednesday, 24 June 2026