नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क रहीं. जंतर-मंतर और उसके आसपास का इलाका सुरक्षा बलों की निगरानी में रहा, जबकि प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया.
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए थे. प्रदर्शन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों की मदद से लगातार निगरानी रखी गई. इसके अलावा फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) का भी उपयोग किया गया, ताकि भीड़ में मौजूद लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके. जंतर-मंतर पहुंचने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर सुरक्षा जांच के विशेष इंतजाम किए गए थे. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को बहुस्तरीय बनाया गया था ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोका जा सके.
जनपथ मेट्रो स्टेशन से लेकर जंतर-मंतर के प्रदर्शन स्थल तक सुरक्षा का मजबूत घेरा देखने को मिला. दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभाला हुआ था. सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी जॉइंट सीपी दीपक पुरोहित, नुपूर प्रसाद और असलम खान समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के हाथ में थी. अलग-अलग क्षेत्रों को कई सेक्टरों में बांटा गया था और प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी अलग अधिकारियों को सौंपी गई थी. इसके साथ ही सीआईएसएफ, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अन्य अर्धसैनिक बलों की टीमें भी मौके पर तैनात रहीं.
प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा शुरू हो गई कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. हालांकि दिल्ली पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया. पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर चल रही ऐसी खबरें भ्रामक हैं और लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए. पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए गए थे, लेकिन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की खबर सही नहीं है.
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में पूरे दिन हाई अलर्ट की स्थिति बनी रही. एयरपोर्ट, वीवीआईपी क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी. जंतर-मंतर के आसपास के इलाकों में पुलिस लगातार गश्त करती रही और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया. सुरक्षा एजेंसियों ने यह सुनिश्चित किया कि प्रदर्शन के कारण आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया. प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की. जंतर-मंतर पर कई तरह के नारे सुनाई दिए. प्रदर्शन में शामिल लोग शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहे थे. कुछ प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई.
इस प्रदर्शन में 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके भी शामिल हुए. उनके पहुंचते ही प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों में उत्साह देखने को मिला. दीपके ने आंदोलन को युवाओं की आवाज बताते हुए कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा और ठोस कार्रवाई की जरूरत है. First Updated : Sunday, 07 June 2026