तकनीकी गड़बड़ी के कारण 4 घंटे हवा में फंसी रही Fly91 फ्लाइट, यात्रियों की सांसें थमीं
हैदराबाद से हुबली जा रही एक फ्लाइट में तकनीकी खराबी और खराब मौसम के कारण हालात बिगड़ गए. विमान करीब चार घंटे तक हवा में रहा, जिससे यात्रियों में डर फैल गया, लेकिन अंत में सुरक्षित लैंडिंग कराई गई.

एक बड़ी विमान दुर्घटना उस समय टल गई, जब एक फ्लाइट में आई तकनीकी समस्या और खराब मौसम ने यात्रियों की सांसें अटका दीं. करीब चार घंटे तक आसमान में फंसे रहे यात्रियों के लिए यह सफर किसी डरावने अनुभव से कम नहीं था. हालांकि अंत में पायलट की समझदारी और सतर्कता से विमान को सुरक्षित उतार लिया गया, जिससे सभी ने राहत की सांस ली.
फ्लाई91 एयरलाइंस की फ्लाइट IC3401, जो हैदराबाद से हुबली जा रही थी, रविवार दोपहर करीब 3 बजे रवाना हुई थी. इस विमान को शाम 4:30 बजे हुबली पहुंचना था. लेकिन जैसे ही विमान अपने गंतव्य के पास पहुंचा, उसमें तकनीकी खराबी की जानकारी सामने आई. इसके चलते पायलटों ने लैंडिंग का फैसला टाल दिया और स्थिति को संभालने की कोशिश शुरू की.
चार घंटे तक हवा में मंडराता रहा विमान
तकनीकी समस्या और खराब मौसम के कारण विमान को तुरंत उतारना संभव नहीं हो पाया. ऐसे में विमान करीब चार घंटे तक आसमान में ही चक्कर लगाता रहा. इस दौरान यह मुंडगोड, दावणगेरे और शिवमोग्गा जैसे इलाकों के ऊपर घूमता रहा. पायलट लगातार सुरक्षित लैंडिंग के लिए सही स्थिति का इंतजार करते रहे.
यात्रियों में फैला डर और घबराहट
लंबे समय तक हवा में फंसे रहने के कारण यात्रियों में डर और चिंता बढ़ने लगी. कई यात्री घबरा गए, कुछ रोने लगे और कई लोग अपनी सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते नजर आए. वहीं, जमीन पर मौजूद उनके परिवार के लोग भी परेशान हो गए. उन्होंने एयरलाइंस पर सही जानकारी न देने और लापरवाही बरतने का आरोप लगाया.
हैदराबाद और हुबली जा रही फ्लाइट में जब तकनीकी खराबी आ गई तो डर के माहौल में यात्री चीखने-चिल्लाने लगे. काफी देर तक विमान में दहशत का माहौल था. इसी बीच, फ्लाइट को बेंगलुरु डायवर्ट किया गया. सोचिए, लैंडिंग होने तक के 4 घंटे के दौरान यात्रियों की स्थिति क्या रही होगी? pic.twitter.com/kJX8hjT4nH
— Gaurav Dwivedi (@gauravkrdwivedi) April 20, 2026
मौसम के कारण बदला गया मार्ग
हवाई अड्डे के अधिकारियों के अनुसार, खराब मौसम के कारण विमान को हुबली में उतारना संभव नहीं था. इसलिए सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फ्लाइट को बेंगलुरु की ओर मोड़ दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें मौसम ठीक न होने पर विमान को दूसरे सुरक्षित हवाई अड्डे की ओर भेजा जाता है.
पहले हुबली के ऊपर किया चक्कर
जानकारी के मुताबिक, विमान ने शुरुआत में करीब एक घंटे तक हुबली के आसमान में ही चक्कर लगाया. पायलट मौसम के सुधरने का इंतजार कर रहे थे ताकि सुरक्षित लैंडिंग हो सके. लेकिन जब हालात बेहतर नहीं हुए, तो आखिरकार मार्ग बदलने का फैसला लिया गया.
बेंगलुरु में सुरक्षित लैंडिंग
काफी कोशिशों के बाद विमान को शाम करीब 7:30 बजे बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतार लिया गया. इस दौरान सभी 22 यात्री सुरक्षित रहे, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई. अधिकारियों के अनुसार, बाद में मौसम ठीक होने पर विमान को रात करीब 11 बजे हुबली के लिए फिर से रवाना किया गया.


