महिला आरक्षण बिल गिरने पर आक्रोश रैली का ऐलान, BJP ने विपक्ष पर की आरोपों की बौछार

महिला आरक्षण विधेयक के लोकसभा में पास न होने के बाद सियासी विवाद तेज हो गया है. भाजपा ने विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ होने का आरोप लगाया है और इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रही है.

Shraddha Mishra

लोकसभा में महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक के पास न हो पाने के बाद सियासत तेज हो गई है. इस मुद्दे पर अब भाजपा और विपक्ष आमने-सामने नजर आ रहे हैं. मध्य प्रदेश में इस फैसले के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा नेताओं ने इसे महिलाओं के अधिकारों पर सीधा हमला बताया है. इसी क्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर निशाना साधा.

विधेयक की हार पर भाजपा का हमला

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि संसद में इस विधेयक का विरोध करना केवल एक राजनीतिक फैसला नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों का विरोध है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रयासों को रोकने का काम किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जो नेता महिलाओं के अधिकारों की बात करते हैं, वही अब उनके आरक्षण के खिलाफ खड़े नजर आए. इससे उनकी कथनी और करनी का फर्क साफ हो गया है. उन्होंने यह भी दोहराया कि केंद्र सरकार महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है.

आक्रोश रैली और विशेष सत्र का ऐलान

भाजपा ने इस मुद्दे को जनता तक ले जाने का फैसला किया है. इसके तहत राज्य की राजधानी में आक्रोश रैली आयोजित की जाएगी. मुख्यमंत्री ने बताया कि यह विरोध केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संभाग और जिला स्तर पर भी रैलियां निकाली जाएंगी. इसके साथ ही राज्य विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाने की भी घोषणा की गई है, जिसमें महिला आरक्षण और उससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी. यादव ने कहा कि स्थानीय निकायों में भी महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा.

महिलाओं की भागीदारी पर जोर

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि मध्य प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए पहले से कई कदम उठाए गए हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य के कई जिलों में महिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक तैनात हैं. उनका कहना था कि भाजपा केवल वादे नहीं करती, बल्कि जमीन पर काम करके दिखाती है. सरकार का लक्ष्य है कि महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिले.

विपक्ष पर तीखे आरोप

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि इस विधेयक का विरोध उनकी सोच को उजागर करता है. उन्होंने कहा कि यह साफ हो गया है कि विपक्ष महिलाओं के अधिकारों के प्रति गंभीर नहीं है. खंडेलवाल ने यह भी कहा कि देश की महिलाएं और जनता ऐसे दलों को जरूर जवाब देगी, जिन्होंने इस अहम मुद्दे पर साथ नहीं दिया.

रेखा वर्मा का बयान

भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने भी विपक्ष पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि पहले कुछ दलों ने राजनीतिक कारणों से इस तरह के कानून का समर्थन किया था, लेकिन अब उनका असली रुख सामने आ गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके जैसे दलों ने मिलकर इस विधेयक का विरोध किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे महिलाओं को उनके अधिकार देने के पक्ष में नहीं हैं.

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