Karnataka Minister Controversial Statement: कर्नाटक के मंत्री बी.जेड. ज़मीर अहमद खान का एक बयान इन दिनों काफी सुर्खियां बटोर रहा है. उनका यह बयान पाकिस्तान के खिलाफ उनका गुस्सा और आक्रोश व्यक्त करता है.
खान ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि अगर प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह उन्हें इजाजत दें तो वह पाकिस्तान जा कर युद्ध करने के लिए तैयार हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने आत्मघाती बम की भी बात की और कहा कि वह उसे अपने शरीर से बांधकर पाकिस्तान जाएंगे. उनके इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक जगत में हलचल मचा दी है.
खान का यह बयान पाकिस्तान के खिलाफ उनके गुस्से को व्यक्त करता है, खासकर जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद. खान ने कहा कि पाकिस्तान हमेशा से भारत का दुश्मन रहा है और यदि केंद्र सरकार उन्हें अनुमति दे तो वह युद्ध के लिए तैयार हैं.
साथ ही, खान ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाने की भी अपील की. उन्होंने जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की और इसे एक "जघन्य और अमानवीय कृत्य" बताया. इस हमले में 22 अप्रैल को लश्कर से जुड़े आतंकवादियों ने पर्यटकों पर गोलीबारी की, जिसमें 26 लोग मारे गए और कई लोग घायल हुए थे. इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर के एक संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली थी.
अपने बयान में खान ने यह भी कहा कि अगर उन्हें युद्ध के लिए अनुमति दी जाती है तो वह आत्मघाती बम लेकर पाकिस्तान जाएंगे और वहां भारतीय हितों की रक्षा के लिए हमला करेंगे. उनका कहना था कि हर भारतीय को एकजुट होकर पाकिस्तान के खिलाफ खड़ा होना चाहिए. यह बयान निश्चित रूप से भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक नई चर्चा का विषय बन गया है.
जम्मू और कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ अपने राजनयिक संबंधों को घटा दिया था और कई कड़े कदम उठाए थे, जिसमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना, पाकिस्तानी एयरलाइनों के लिए हवाई क्षेत्र बंद करना, और सैन्य अताशे को निष्कासित करना शामिल था. जवाब में पाकिस्तान ने भारतीय उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया और व्यापार को निलंबित कर दिया.
खान के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. जहां कुछ लोग इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में उनका गुस्सा मानते हैं, वहीं कुछ इसे विवादास्पद और अत्यधिक आक्रामक बयान मान रहे हैं.
कर्नाटक के मंत्री का यह बयान निश्चित रूप से चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. अब देखना यह होगा कि इस बयान पर केंद्र सरकार और अन्य राजनीतिक दलों की क्या प्रतिक्रिया होती है. First Updated : Saturday, 03 May 2025