केंद्र सरकार ने एक बार फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बड़ी कार्रवाई की है. सरकार ने ULLU, ALTBalaji समेत कई ऐप्स और वेबसाइट्स को बैन कर दिया है. इन प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील, भद्दे और एडल्ट कंटेंट दिखाने के आरोप लगे हैं. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, जिन ऐप्स और वेबसाइट्स को बैन किया गया है उनमें ALTBalaji, ULLU, Big Shots App, Desiflix, Boomex, Navarasa Lite और Gulab App शामिल हैं. इन पर 'सॉफ्ट पोर्न' जैसा कंटेंट परोसने के आरोप हैं.
सरकार का कहना है कि यह कदम देश में डिजिटल माध्यमों पर बढ़ रहे आपत्तिजनक कंटेंट को रोकने के लिए उठाया गया है. इससे पहले भी सरकार कई बार ऐसे प्लेटफॉर्म्स को चेतावनी दे चुकी थी, लेकिन जब कोई सुधार नहीं हुआ, तो ये सख्त कदम उठाया गया.
सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म से जुड़े ऐप्स और वेबसाइटों को ब्लॉक करने का आदेश दिया है. इन प्लेटफॉर्म्स पर "अश्लील", "भड़काऊ" और कुछ मामलों में "पोर्नोग्राफिक" कंटेंट दिखाने के आरोप लगे हैं.
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म्स पर जो कंटेंट था, वह भारतीय कानूनों का "गंभीर उल्लंघन" कर रहा था. इनमें कई ऐसे सीन्स थे जो "यौन इशारों", "नग्नता के साथ यौन क्रियाओं" और बिना किसी कहानी या सामाजिक संदेश के सिर्फ अश्लील दृश्यों पर आधारित थे.
अधिकारियों का कहना है कि कुछ वेब सीरीज में परिवार और अन्य संवेदनशील रिश्तों के संदर्भ में भी नग्नता और यौन विषयों को गलत तरीके से पेश किया गया, जिससे दर्शकों में आक्रोश फैल गया. पीटीआई के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जताई और सरकार से कहा, "ये हमारा क्षेत्र नहीं है, आप कार्रवाई कीजिए."
मई महीने में 'उल्लू' नाम के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर एक वेब सीरीज 'हाउस अरेस्ट' का क्लिप वायरल हुआ. इसमें बिग बॉस के पूर्व कंटेस्टेंट एजाज खान नजर आए. इस कंटेंट को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त आलोचना हुई.
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, मैंने संसद की स्टैंडिंग कमिटी में यह मुद्दा उठाया था कि उल्लू ऐप और ALT Balaji जैसे ऐप्स मंत्रालय की कार्रवाई से बच निकलते हैं. अब तक कोई जवाब नहीं मिला है." इसके बाद महिला आयोग (NCW) ने भी इस वेब सीरीज पर संज्ञान लेते हुए कहा कि महिलाओं की गलत छवि पेश की गई है और यह गंभीर मामला है. आयोग ने संकेत दिया कि ऐसे ऐप्स पर पूरी तरह से बैन लगाया जा सकता है. First Updated : Friday, 25 July 2025