नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली और एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच सरकार ने गुरुवार से कड़े एंटी-पॉल्यूशन नियम लागू कर दिए हैं. वायु गुणवत्ता लगातार तीन दिनों तक ‘गंभीर’ श्रेणी में रहने के बाद GRAP-4 के तहत कई सख्त कदम उठाए गए हैं. इनमें वर्क फ्रॉम होम, पीयूसी (PUCC) अनिवार्यता और नियम तोड़ने पर ईंधन न मिलने जैसे प्रावधान शामिल हैं. हालांकि, इन सख्त पाबंदियों के बावजूद कुछ सेवाओं और लोगों को छूट दी गई है.
दिल्ली सरकार के आधिकारिक नोटिस के मुताबिक, आपातकालीन सेवाओं को इन नियमों से बाहर रखा गया है. पेट्रोल और सीएनजी से चलने वाले एंबुलेंस, फायर टेंडर, पुलिस वाहन और अन्य इमरजेंसी रिस्पॉन्स यूनिट्स बिना किसी रुकावट के काम करती रहेंगी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन सेवाओं पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा ताकि जन सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों.
इसके अलावा, फ्रंटलाइन वर्कर्स को भी वर्क फ्रॉम होम के नियम से छूट दी गई है. इसमें अस्पतालों में कार्यरत कर्मचारी, वायु प्रदूषण से निपटने से जुड़े विभागों के अधिकारी, फायर डिपार्टमेंट और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं.
गुरुवार से लागू हुए ये नियम Commission for Air Quality Management द्वारा घोषित GRAP-4 प्रतिबंधों के अतिरिक्त हैं. दिल्ली में 13 दिसंबर से लगातार तीन दिनों तक एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘सीवियर’ श्रेणी में दर्ज किया गया, जिसके बाद सरकार को सख्त कदम उठाने पड़े.
1.सरकारी और निजी कार्यालयों में वर्क फ्रॉम होम लागू किया गया है.
2. सभी संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि कम से कम 50 प्रतिशत कर्मचारी घर से काम करें.
3.नो फ्यूल रूल लागू किया गया है, यानी जिन वाहनों के पास वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल या सीएनजी नहीं दी जाएगी.
दिल्ली की मौजूदा हवा का हाल
बुधवार को दिल्ली की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई. Central Pollution Control Board के अनुसार, शाम 4 बजे 24 घंटे का औसत AQI 334 रहा.
CPCB के मानकों के मुताबिक:
0–50: अच्छा
51–100: संतोषजनक
101–200: मध्यम
201–300: खराब
301–400: बहुत खराब
401–500: गंभीर
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें और प्रदूषण कम करने में सहयोग दें. First Updated : Thursday, 18 December 2025