हरिद्वार पुलिस ने चलाया ऑपरेशन कालनेमी, पकड़े गए 50 से ज्यादा फर्जी साधु

सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर हरिद्वार पुलिस ने ऑपरेशन कालनेमी चलाकर फर्जी बाबाओं के खिलाफ कार्रवाई की. AI की मदद से 50 से ज्यादा संदिग्ध पकड़े गए, जिनमें 6 मुसलमान भी थे जो भगवा चौला पहनकर भिक्षा मांग रहे थे. अभियान तेज़ी से जारी है.

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हरिद्वार में फर्जी हिंदुओं और बाबाओं को पकड़ने के लिए ‘कालनेमी’ नामक विशेष ऑपरेशन चलाया जा रहा है. यह अभियान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शुरू हुआ है, जिसका उद्देश्य धर्म की आड़ लेकर लोगों को धोखा देने वाले फर्जी बाबाओं और संदिग्धों पर कार्रवाई करना है. इस अभियान के तहत पहले ही दिन 50 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें 6 ऐसे भी बाबा शामिल हैं जो मुस्लिम होने के बावजूद हिंदू चौला पहनकर भिक्षा मांग रहे थे.

इस ऑपरेशन में हरिद्वार पुलिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फेस रिकॉग्निशन तकनीक का इस्तेमाल कर रही है. शहर में लगभग 350 से ज्यादा कैमरे लगे हुए हैं, जिनके जरिए संदिग्धों की पहचान की जा रही है. हर की पौड़ी पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके. पुलिस ने बताया कि 35 संदिग्ध अभी भी हिरासत में हैं और जांच जारी है. इस अभियान का नेतृत्व SSP डोभाल कर रहे हैं, जिन्होंने देहात और शहर क्षेत्र के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया है.

AI की मदद से हरिद्वार में फर्जी बाबाओं की पहचान

‘कालनेमी’ ऑपरेशन में पकड़े गए छह मुसलमान बाबाओं का नाम भी सामने आया है. ये लोग भगवा चौला पहनकर भिक्षा मांग रहे थे और लोगों को ठगने का काम कर रहे थे. इनमें रफीक अंसारी, महबूब, अहमद, रशीद, इमरान और जैन उद्दीन शामिल हैं, जो विभिन्न राज्यों से संबंध रखते हैं. इनके खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है.

ऑपरेशन कालनेमी जारी

यह अभियान खासतौर पर कांवड़ यात्रा के दौरान शुरू किया गया है, क्योंकि इस समय हरिद्वार में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं. पुलिस का उद्देश्य तीर्थनगरी की धार्मिक गरिमा बनाए रखना और धोखेबाजों को रोकना है, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे. लंबे समय से नगर कोतवाली क्षेत्र में फर्जी बाबाओं की शिकायतें मिल रही थीं कि वे साधु-संतों का रूप लेकर तंत्र-मंत्र, झूठे आशीर्वाद और चमत्कार के नाम पर ठगी कर रहे हैं. कुछ मामलों में इनके खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक गतिविधियों की भी जानकारी मिली थी.

6 मुसलमान भी भगवा चौला पहनकर पकड़े गए

इसलिए इस ऑपरेशन का बेहद महत्व है ताकि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनी रहे और लोगों को ठगने वाले फर्जी बाबाओं को रोका जा सके. पुलिस इस अभियान को लगातार आगे बढ़ा रही है ताकि हरिद्वार को सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए विश्वासपात्र स्थल बनाया जा सके. First Updated : Saturday, 12 July 2025