फरीदाबाद: फरीदाबाद में ईद-उल-अजहा का पर्व गुरुवार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया. जिले की विभिन्न मस्जिदों में सुबह से ही नमाजियों की भारी भीड़ देखने को मिली. नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी और देश में अमन-चैन तथा तरक्की की दुआ मांगी.
इस दौरान ऊंचा गांव स्थित जामा मस्जिद से गाय की सुरक्षा को लेकर भी आवाज उठी. नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने केंद्र सरकार से गोवंश को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और देशभर में बूचड़खानों को बंद करने की मांग की.
फरीदाबाद के ऊंचा गांव, एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-56, जवाहर कॉलोनी, तिलपत और बल्लभगढ़ सहित कई इलाकों की मस्जिदों में सुबह से ही रौनक देखने को मिली.
नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की शुभकामनाएं दीं. कई स्थानों पर स्वयंसेवकों ने व्यवस्था संभाली और लोगों की सुविधा का ध्यान रखा.
ईद के मौके पर बच्चों में खास उत्साह देखने को मिला. रंग-बिरंगे नए कपड़ों में बच्चे आकर्षण का केंद्र बने रहे.
बड़ों की ओर से बच्चों को ईदी के रूप में उपहार और मिठाइयां दी गईं. वहीं घरों में महिलाओं ने सेवइयां और पारंपरिक व्यंजन तैयार किए.
त्योहार के चलते बाजारों में भी चहल-पहल और खरीदारी का माहौल बना रहा.
ऊंचा गांव स्थित जामा मस्जिद के इमाम मौलाना जमालुद्दीन ने बताया कि नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने गोवंश की सुरक्षा को लेकर एकजुट होकर आवाज उठाई.
उन्होंने केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की. साथ ही देशभर में बूचड़खानों को बंद करने की अपील भी की गई.
मौलाना जमालुद्दीन के अनुसार, गोवंश के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने और इससे जुड़े मामलों की जानकारी पुलिस को देने को लेकर भी नमाजियों को शपथ दिलाई गई.
इस दौरान शेर खान मस्जिद कमेटी के प्रधान, बाबू खान सिद्धिकी, महमूद खान, मास्टर सुनील अधाना और डॉ. श्यामवीर सहित कई लोग मौजूद रहे. First Updated : Thursday, 28 May 2026