पंचकूला: हरियाणा के रामगढ़ इलाके में रविवार का दिन सामान्य नहीं था. टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (TBRL) की टेस्ट रेंज में जब उच्च क्षमता वाले बमों का परीक्षण शुरू हुआ, तो पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता दिखाई दी. धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि उसका असर पंचकूला तक महसूस किया गया और आसमान में उठता धुआं दूर से भी साफ नजर आया. प्रशासन की ओर से पहले ही लोगों को अलर्ट कर दिया गया था और स्थानीय निवासियों ने भी निर्देशों का पूरी तरह पालन किया.
परीक्षण से पहले पंचकूला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खास तैयारी की थी. भानु और बिल्ला गांवों के लोगों को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक घरों के अंदर रहने के निर्देश दिए गए थे. प्रशासन ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि परीक्षण के दौरान विस्फोट के असर और बम के टुकड़ों के फैलने की आशंका जताई गई थी. स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की थी कि वे तय समय तक बाहर न निकलें और किसी तरह की लापरवाही न बरतें. इसके साथ ही मवेशियों को भी खुले में न छोड़ने की सलाह दी गई थी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके.
जानकारी के मुताबिक, परीक्षण के दौरान इस्तेमाल किए गए उच्च क्षमता वाले बमों के विस्फोट से निकले टुकड़े लगभग 1.5 किलोमीटर तक ऊपर जा सकते थे और आसपास करीब दो किलोमीटर के क्षेत्र में फैलने की संभावना थी. इसी कारण भानु और बिल्ला गांवों को अस्थायी रूप से ‘स्प्लिंटर डेंजर जोन’ घोषित किया गया. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टेस्ट रेंज के आसपास दो किलोमीटर के दायरे में विशेष सुरक्षा घेरा बनाया गया था. इस दौरान लोगों की आवाजाही सीमित रखी गई और दुकानों को भी निर्धारित समय तक बंद रखने के निर्देश दिए गए.
जब परीक्षण हुआ, तो धमाके की तेज आवाज ने आसपास के इलाकों को हिला दिया. बताया जा रहा है कि धमाके के बाद काफी ऊंचाई तक धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया. स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी इस क्षेत्र में परीक्षण और ब्लास्ट होते रहे हैं, लेकिन इस बार पहली बार इतनी स्पष्ट एडवाइजरी जारी की गई थी. ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन की तरफ से मिले निर्देशों का असर साफ दिखाई दिया. गांवों में लोग घरों के अंदर रहे और दुकानें भी बंद रखी गईं. सामान्य दिनों की तुलना में इलाके में असामान्य शांति और सतर्कता का माहौल देखा गया.
परीक्षण के दौरान प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए रहा. अधिकारियों ने लोगों से सहयोग बनाए रखने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की. स्थानीय लोगों ने भी जिम्मेदारी दिखाते हुए तय समय तक बाहर निकलने से परहेज किया. इस पूरे अभ्यास का उद्देश्य जहां परीक्षण को सुरक्षित तरीके से पूरा करना था, वहीं आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी प्रशासन की प्राथमिकता रही. फिलहाल परीक्षण के दौरान किसी बड़े नुकसान या अप्रिय घटना की जानकारी सामने नहीं आई है. First Updated : Sunday, 31 May 2026