हरियाणा के प्रसिद्ध सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेले में शनिवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ. झूले के एक सिरे के टूटकर गिरने के बाद बचाव कार्य में जुटे पलवल पुलिस लाइंस के इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई. रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान झूले का दूसरा सिरा भी अचानक गिर गया, जिसमें इंस्पेक्टर सहित 13 अन्य लोग घायल हो गए. इंस्पेक्टर जगदीश ने करीब 36 वर्ष की सेवा पूरी कर ली थी और मार्च में रिटायरमेंट होने वाला था.
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. डीजीपी अजय सिंगल ने मृतक इंस्पेक्टर को शहीद का दर्जा देने की घोषणा की है और परिजनों को सरकारी नौकरी व 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने का भरोसा दिया है.
पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम करीब 6 बजे मेले में लगा झूला तकनीकी खराबी के कारण एक तरफ से टूटकर गिर गया. तत्काल मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद ने साहस दिखाते हुए घायलों को बचाने का अभियान शुरू किया. दुकानदारों और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर उन्होंने पीड़ितों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की. इसी दौरान झूले का दूसरा सिरा भी टूट गया, जिससे इंस्पेक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए.
घायलों को तुरंत फरीदाबाद के बादशाह खान सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद को मृत घोषित कर दिया. हादसे में कुल 13 लोग घायल हुए, जिनका इलाज चल रहा है. इंस्पेक्टर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के निवासी थे और 31 जनवरी 2026 को सूरजकुंड मेला ड्यूटी के लिए पलवल पुलिस लाइंस से नियुक्त किए गए थे.
मृतक इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के घर में पत्नी, एक बेटा गौरव कुंजिल और दो बेटियां हैं. गौरव सोनीपत में सुपरवाइजर की नौकरी करते हैं और परिवार में सबसे बड़े हैं. मार्च में रिटायरमेंट होने के कारण परिवार खुश था, लेकिन यह हादसा सब कुछ बदल गया.
हादसे की सूचना पर हरियाणा के डीजीपी अजय सिंगल फरीदाबाद के सिविल अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना. उन्होंने कहा कि मृतक इंस्पेक्टर के परिजनों में से यदि कोई भी नौकरी की उम्र का होगा, तो उसे सरकारी नौकरी दी जाएगा. उन्होंने कहा कि जगदीश ड्यूटी पर थे और हादसे में उनकी मौत हुई इसलिए उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाएगा. डीजीपी अजय सिंगल ने बताया कि इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के परिवार को सरकारी नीति के तहत 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी तथा विभाग द्वारा निर्धारित अन्य सभी लाभ भी उपलब्ध कराए जाएंगे.
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस दुखद घटना पर गहरा दुख जताया और पूरी घटना की जांच के आदेश दिए हैं. प्रशासन ने मेले में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके. First Updated : Sunday, 08 February 2026