ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. लोअर सुबनसिरी और केयी पान्योर जिलों में अचानक आई बाढ़ के कारण कई गांव जलमग्न हो गए हैं. बता दें, बाढ़ और तेज जलप्रवाह से घरों, कृषि भूमि और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है. प्रशासन के अनुसार कई इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं और राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं.
जानकारी के मुताबिक, केयी पान्योर जिले के याज़ाली क्षेत्र में मंगलवार सुबह भारी वर्षा और बादल फटने जैसी स्थिति के बाद नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया. इसके चलते कई क्षेत्रों में अचानक बाढ़ आ गई. स्थानीय विधायक टोको तातुंग ने बताया कि एनईईपीसीओ परियोजना कॉलोनी के आसपास के इलाके सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं. वहीं बाढ़ की चपेट में आने के बाद पांच लोग लापता हो गए हैं, जिनकी तलाश के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है.
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार बाढ़ में कम से कम 50 घर क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गए हैं. कई सड़कें और एक महत्वपूर्ण पुल भी तेज बहाव में बह गया, जिससे प्रभावित क्षेत्रों का संपर्क टूट गया है. हालांकि अब तक किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार याज़ाली क्षेत्र में 24 घंटों के दौरान 72 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई अत्यधिक बारिश के कारण नदियों में अचानक जलप्रवाह बढ़ा, जिससे बाढ़ की स्थिति पैदा हुई. इसी स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. इसके साथ ही लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है
उधर, असम सरकार ने भी पड़ोसी राज्य में आई बाढ़ पर नजर बनाए रखी है. अधिकारियों को आशंका है कि अरुणाचल प्रदेश से आने वाले अतिरिक्त जलप्रवाह के कारण असम के कई निचले जिलों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है. इसके चलते राहत एवं आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है. First Updated : Wednesday, 24 June 2026