PM मोदी का एक फोन कॉल रोक सकता है युद्ध, UAE के राजदूत हुसैन मिर्जा ने ईरान और US-इजरायल वॉर को लेकर दी सलाह
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर हुसैन हसन ने एक बात कही है. उनका कहना है कि अगर पीएम मोदी चाहें तो ये युद्ध तुरंत रुक सकता है.

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है. ईरान की ओर से यूएई पर मिसाइल और ड्रोन हमले हुए हैं, जिससे वहां के लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है. इस जंग के थमने की कोई स्पष्ट तस्वीर अभी नहीं दिख रही है.
ऐसे में भारत में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राजदूत हुसैन हसन मिर्जा अलसयेघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण बात कही है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का एक फोन कॉल ही तनाव को कम करने में बड़ा असर डाल सकता है.
UAE दोनों पक्षों से जुड़ा हुआ
राजदूत हुसैन मिर्जा ने सोमवार को दिए बयान में स्पष्ट किया कि यूएई ईरान का पड़ोसी है, लेकिन वह इस संघर्ष में किसी भी पक्ष के साथ शामिल नहीं होना चाहता. यूएई ने इजराइल के साथ अब्राहम समझौते के तहत मजबूत साझेदारी बनाई है और दोनों तरफ से अच्छे संबंध बनाए रखे हैं.
उन्होंने कहा कि यूएई सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि उसकी जमीन का इस्तेमाल किसी देश के खिलाफ हमले के लिए नहीं किया जाएगा. संघर्ष में शामिल होने के बजाय बातचीत और संवाद से समस्या सुलझाने पर जोर दिया जा रहा है.
हमलों से बढ़ती चिंता
यूएई पर हुए मिसाइल हमलों को राजदूत ने चिंताजनक बताया. हालांकि, पिछले दिनों देश की रक्षा प्रणालियां इन खतरों को रोकने में सफल रही. यूएई नेतृत्व ने साफ कहा है कि किसी भी हमले को आत्मरक्षा के तौर पर देखा जाएगा.
राजदूत ने इस बात पर जोर दिया कि यूएई की वैश्विक साझेदारियां बहुत मजबूत हैं. इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के साथ गहरी दोस्ती, चीन और अन्य देशों से संबंध शामिल हैं.
तेल कीमतों का खतरा
इस संघर्ष का पूरा क्षेत्र प्रभावित हो रहा है. जहाजों का बीमा मुश्किल हो गया है और समुद्री व्यापार बाधित है. यदि जंग लंबी चली तो आने वाले महीनों में तेल की कीमतें बहुत बढ़ सकती हैं. हवाई अड्डों पर प्रतिबंध और बंदी मुख्य रूप से सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं, लेकिन इससे आर्थिक नुकसान भी हो रहा है.
पीएम मोदी की भूमिका पर भरोसा
राजदूत ने यूएई और भारत के बीच मजबूत रिश्तों का जिक्र किया. यूएई में रहने वाले लाखों भारतीयों को सुरक्षित महसूस कराया गया है और उनकी उपस्थिति को महत्व दिया जाता है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी द्वारा ईरान और इजराइल के नेताओं से बात करने से स्थिति शांत हो सकती है.
राजदूत ने स्पष्ट रूप से कहा कि मोदी जी का एक फोन कॉल तनाव कम करने में मददगार साबित हो सकता है. भारत की मध्यस्थता और प्रभाव पर उनका पूरा भरोसा जताया गया.


