कोलकाता: प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. गुरुवार सुबह ईडी ने कोलकाता समेत कई जगहों पर एक साथ छापेमारी शुरू की, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई.
ईडी की यह कार्रवाई I-PAC के कार्यालय और प्रतीक जैन के आवास सहित 4 से 5 ठिकानों पर की गई है. बताया जा रहा है कि यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में की जा रही है. I-PAC वही फर्म है, जिसकी स्थापना कभी चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने की थी.
एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने गुरुवार सुबह कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके में I-PAC के ऑफिस और इसके प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर तलाशी अभियान चलाया. ईडी सूत्रों के मुताबिक, प्रतीक जैन एक बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर रहते हैं, जहां जांच एजेंसी की टीम दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है.
ईडी सूत्रों के अनुसार, दिल्ली जोन के अधिकारी बुधवार रात कोलकाता पहुंचे थे. इसके बाद गुरुवार सुबह उन्होंने शहर में तीन अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की. प्रतीक जैन के आवास और I-PAC के ऑफिस के अलावा, पोस्टा इलाके में एक बिजनेसमैन के घर पर भी तलाशी ली जा रही है.
प्रशांत किशोर ने 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले I-PAC की स्थापना की थी. 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद से यह पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ काम कर रही है. हालांकि, प्रशांत किशोर अब सक्रिय राजनीति में उतर चुके हैं.
I-PAC ने 2021 के विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की बड़ी जीत में अहम भूमिका निभाई थी. इसके अलावा 2024 के लोकसभा चुनावों में भी पार्टी की रणनीति में इस फर्म की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जाता है.
फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है और जांच एजेंसी संबंधित ठिकानों से दस्तावेजों और अन्य अहम सबूतों को खंगाल रही है. मनी लॉन्ड्रिंग मामले में इस छापेमारी से जुड़े और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
First Updated : Thursday, 08 January 2026