चेन्नई: करूर में हुई भगदड़ को नौ महीने बीत चुके हैं। इस हादसे में 41 लोगों की मौत हो गई थी और राज्य की सियासत पर भी इसका असर पड़ा। शुक्रवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय पहली बार CM बनने के बाद करूर पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित परिवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे और इस त्रासदी पर खुलकर बात की।
सभा में सिर से पैर तक काले कपड़े पहने विजय भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, "करूर की भगदड़ ने बहुत दुख पहुंचाया। हमने अपनी बहनों के बच्चों को खो दिया।" ये हादसा वेलुसामीपुरम में TVK की चुनावी रैली के दौरान हुआ था। रैली में हजारों समर्थक जुटे थे। भगदड़ में बच्चों और युवा फैंस समेत 41 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
मामले की जांच अभी CBI कर रही है। विजय ने कहा कि इस नुकसान का बोझ वो आज भी महसूस करते हैं। पीड़ितों की याद में TVK की तरफ से करूर में एक स्मारक भी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, "करूर मेरे दिल से कभी नहीं निकलेगा।"
विजय ने उन आरोपों को सिरे से खारिज किया कि मौतों के लिए उनकी पार्टी जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि भीड़ को संभालना पुलिस का काम था। विजय ने कहा, "मैंने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस पर भरोसा किया, फिर भी मौतों के लिए मुझे ही जिम्मेदार ठहराया गया।" उनका आरोप था कि अधिकारी अगर पहले स्थिति बिगड़ने की सूचना दे देते तो इस त्रासदी को रोका जा सकता था। इसके बजाय "ड्रामा" किया गया और दोष दूसरों पर डाला गया।
उन्होंने DMK और CM एम.के. स्टालिन पर भी हमला बोला। विजय ने कहा कि DMK ने उन्हें पीड़ित परिवारों से मिलने से रोकने की कोशिश की। उन्होंने आगे कहा, "आप ऐसे बात कर रहे हैं जैसे अभी भी सत्ता में हों। आपकी पार्टी सत्ता से बाहर हो चुकी है और TVK सत्ता में है।"
DMK ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका देकर मांग की थी कि विजय को दौरे के दौरान गवाहों को प्रभावित करने से रोका जाए। लेकिन कोर्ट की फटकार के बाद पार्टी ने याचिका वापस ले ली।
विजय ने DMK के कार्यकाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि "हर विभाग में घोटाला" हुआ और सरकारी टेंडर की कीमतें बढ़ा-चढ़ाकर तय की गईं। करूर विधानसभा उपचुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने लोगों से DMK को "करारा जवाब" देने की अपील की। ये सीट AIADMK के पूर्व मंत्री एम.आर. विजयभास्कर के इस्तीफे और TVK में शामिल होने के बाद खाली हुई है। First Updated : Friday, 10 July 2026