भारत-पाकिस्तान के बढ़ते सैन्य तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहम बैठक की. जिसमें तीनों सेनाओं के पूर्व प्रमुखों सहित देश के कई पूर्व सैन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया. प्रधानमंत्री ने इन रक्षाक्षेत्र के दिग्गजों से वर्तमान हालात, सुरक्षा चुनौतियों और रणनीतिक उपायों को लेकर चर्चा की. ये बैठक ऐसे समय में हुई है जब देश हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले और उसके जवाब में ऑपरेशन सिंदूर के बाद युद्ध जैसे माहौल का सामना कर रहा है. बैठक को भारत की सैन्य रणनीति को मजबूती देने और अनुभव के आधार पर आगामी कदम तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री मोदी के आवास पर आयोजित इस अहम बैठक में पूर्व वायुसेना प्रमुख, थलसेना प्रमुख, नौसेना प्रमुख समेत अनेक रिटायर्ड सैन्य अधिकारी शामिल हुए. प्रधानमंत्री ने इन सभी से विस्तारपूर्वक चर्चा कर मौजूदा हालात पर उनकी राय ली. चर्चा में सीमाओं पर सुरक्षा, आंतरिक रक्षा तैयारियों और भविष्य की सैन्य रणनीतियों पर विशेष फोकस रहा.
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. इसके बाद, पाकिस्तान की ओर से भारत के खिलाफ सैन्य उकसावे की घटनाएं तेज हो गई. एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने भारत के 15 स्थानों पर हमले की नाकाम कोशिश की. इसके अलावा जम्मू, पंजाब, राजस्थान और गुजरात के सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन व मिसाइल हमले किए गए, जिन्हें भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने पूरी तरह नाकाम कर दिया.
देश की सीमाओं पर हालात को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी शुक्रवार को अहम बैठक की. इस दौरान भारत-पाक सीमा और देश के प्रमुख हवाई अड्डों की सुरक्षा की गहन समीक्षा की गई. बैठक के दौरान संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए.
गृह मंत्री की बैठक से कुछ ही घंटे पहले सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने जम्मू सेक्टर में बड़ी कार्रवाई की. BSF ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश कर रहे 7 आतंकवादियों को ढेर कर दिया और पाकिस्तान रेंजर्स की एक चौकी को भी ध्वस्त कर दिया. ये कार्रवाई सीमा पर भारत की कड़ी सतर्कता और मजबूत जवाबी नीति का संकेत है. First Updated : Friday, 09 May 2025