नई दिल्ली : राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर) में भारत की GDP में 8.2% की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज हुई है. यह वृद्धि पिछली तिमाही के साथ-साथ पिछले वर्ष की समान अवधि के 5.6% की तुलना में काफी अधिक है, जो अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति को दर्शाती है.
PM मोदी ने बताई ‘नीतियों और मेहनत’ की जीत
आपको बता दें कि GDP आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर लिखा कि 8.2% की वृद्धि देश की मजबूत नीतियों, निरंतर सुधारों और नागरिकों की मेहनत का परिणाम है. उन्होंने कहा कि सरकार आगे भी सुधारों को गति देगी और ‘Ease of Living’ को और बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करती रहेगी.
सभी प्रमुख सेक्टर्स में शानदार प्रदर्शन
सांख्यिकी मंत्रालय के अनुसार भारत की आर्थिक मजबूती का आधार इसकी विभिन्न सेक्टरों में दर्ज हुई तेज वृद्धि है. द्वितीयक (industry) सेक्टर में 8.1% और तृतीयक (services) सेक्टर में 9.2% की वृद्धि ने समग्र GDP को 8% से ऊपर पहुंचाया.
• मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने 9.1% की वृद्धि के साथ प्रभावशाली प्रदर्शन किया.
• निर्माण क्षेत्र में 7.2% की वृद्धि दर्ज हुई.
• वित्तीय, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सेवाओं में 10.2% की दोहरी अंक वाली वृद्धि ने GDP को सबसे अधिक सपोर्ट दिया.
कृषि व संबद्ध क्षेत्रों में 3.5% की स्थिर वृद्धि दर्ज हुई, जबकि बिजली, गैस और जल आपूर्ति सेवाओं में 4.4% की वृद्धि दिखाई दी.
उपभोग में तेजी से बढ़ी मांग
आंकड़ों के अनुसार वास्तविक निजी अंतिम उपभोग व्यय (PFCE) में 7.9% की वृद्धि हुई है. इसका मतलब है कि लोगों की आय और खरीद क्षमता दोनों बढ़ी हैं, जिससे बाज़ार में मांग तेज़ी से बढ़ी है. यह घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रमुख संकेत है.
वैश्विक तनाव के बीच भारत की मजबूती
अमेरिकी टैरिफ वृद्धि और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच भारत ने फिर साबित कर दिया है कि वह दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था है. IMF ने भी अनुमान लगाया है कि आगामी वर्ष में भारत ही ऐसा देश होगा जो 6% से अधिक की ग्रोथ हासिल करने में सफल रहेगा.
First Updated : Friday, 28 November 2025