भारत-अमेरिका ट्रेड डील फ्रेमवर्क जारी, कृषि और डेयरी सेक्टर पूरी तरह बाहर

अमेरिका और भारत के बीच आर्थिक रिश्तों को मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है. दोनों देशों ने एक अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क सार्वजनिक किया. इसमें व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया को नई रफ्तार मिली है.

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अमेरिका और भारत के बीच आर्थिक रिश्तों को मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है. शुक्रवार को दोनों देशों ने एक अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क सार्वजनिक किया, जिससे व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया को नई रफ्तार मिली है. यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर तनाव और लंबी बातचीत का दौर चल रहा था. इस फ्रेमवर्क को भारत-अमेरिका साझेदारी में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है.

संयुक्त बयान में दोनों देशों ने क्या कहा?

संयुक्त बयान में दोनों देशों ने कहा कि इस फ्रेमवर्क को जल्द लागू करने और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से काम किया जाएगा, ताकि पारस्परिक लाभ पर आधारित द्विपक्षीय व्यापार समझौता शीघ्र पूरा हो सके. दोनों पक्षों का मानना है कि इससे व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व का परिणाम बताया. उन्होंने कहा कि इस फ्रेमवर्क से भारतीय निर्यातकों, खासकर एमएसएमई, किसानों और मछुआरों के लिए लगभग 30 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी बाजार तक पहुंच आसान होगी. इससे निर्यात में बढ़ोतरी होगी और महिलाओं व युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे.

पीयूष गोयल ने क्या कहा?

गोयल ने कहा कि इस ढांचे के तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर लगाए जाने वाले रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करेगा. इससे वस्त्र व परिधान, चमड़ा और फुटवियर, प्लास्टिक व रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल्स, हस्तशिल्प, होम डेकोर और चुनिंदा मशीनरी जैसे क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा. इसके अलावा जेनेरिक दवाइयों, रत्न-आभूषण और विमान पुर्जों जैसी कई श्रेणियों में टैरिफ पूरी तरह समाप्त किए जाएंगे, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती मिलेगी.

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस समझौते में भारतीय किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है. मक्का, गेहूं, चावल, सोयाबीन, डेयरी उत्पाद, पोल्ट्री, एथेनॉल, तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस जैसे संवेदनशील कृषि उत्पादों को पूरी तरह संरक्षण दिया गया है.

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 25 प्रतिशत के दंडात्मक टैरिफ को हटाने की घोषणा की थी. इसके तहत कुल टैरिफ दर को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया. साथ ही दोनों देशों ने नॉन-टैरिफ बाधाओं, जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स और तकनीकी वस्तुओं पर आगे बातचीत करने पर सहमति जताई है.

कृषि और औद्योगिक उत्पादों का आयात बढ़ाएगा भारत 

इस फ्रेमवर्क के तहत भारत अमेरिका से कृषि और औद्योगिक उत्पादों का आयात बढ़ाएगा, जबकि अमेरिका भारतीय वस्तुओं को अपने बाजार में बेहतर पहुंच देगा. भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा, विमान, तकनीक और अन्य उत्पाद खरीदने का इरादा भी जताया है. दोनों देशों ने इसे द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को नई ऊंचाई तक ले जाने वाला कदम बताया है. First Updated : Saturday, 07 February 2026