तबाह हुए पहाड़ी राज्य! हिमाचल-उत्तराखंड में मौसम ने बदला रौद्र रूप, कई इलाकों में भारी नुकसान
पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में मौसम ने कहर बरपा दिया है. तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई, जिससे सड़कें बंद हो गईं, बिजली व्यवस्था चरमरा गई और लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया.

नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में मौसम ने भीषण तबाही मचा दी है. तेज आंधी, मूसलधार वर्षा, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाओं ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया. कई इलाकों में घरों और स्कूलों की छतें उड़ गईं, पेड़ और बिजली के खंभे धराशायी हो गए, जबकि बिजली गिरने से इंसानों और पशुधन की मौत की घटनाएं भी सामने आई हैं.
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक हालात और गंभीर बने रहने की चेतावनी जारी की है. पहाड़ी राज्यों में तेज हवाओं और लगातार बारिश के कारण बिजली व्यवस्था, सड़क यातायात और खेती-किसानी पर भारी असर पड़ा है. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है.
हिमाचल प्रदेश में आंधी से भारी नुकसान
हिमाचल प्रदेश में रविवार रात करीब 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली तेज आंधी ने व्यापक तबाही मचाई. मंडी, कुल्लू, ऊना, हमीरपुर, चंबा, शिमला और कांगड़ा जिलों में मकानों, स्कूलों और पशुशालाओं को नुकसान पहुंचा है.
कुल्लू में बिजली गिरने से मौत
कुल्लू के नग्गर क्षेत्र में बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो अन्य झुलस गए. शिला नाला क्षेत्र में 40 भेड़-बकरियों की भी मौत हो गई. ट्रांसफार्मर खराब होने से कई इलाकों की बिजली आपूर्ति बाधित रही और 36 सड़कों पर आवाजाही बंद करनी पड़ी. मंडी जिले में सबसे ज्यादा 70 मकान प्रभावित हुए. खेतों में काटकर रखी गेहूं की फसल और सेब समेत अन्य बागवानी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है.
उत्तराखंड में बारिश और ओलावृष्टि का असर
उत्तराखंड में लगातार बारिश और ओलावृष्टि के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई. देहरादून, मसूरी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर समेत कई इलाकों में तेज बारिश हुई. मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए अगले 48 घंटों का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन क्षेत्रों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और अंधड़ की आशंका जताई गई है.
केदारनाथ क्षेत्र में हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग
केदारनाथ धाम क्षेत्र में घने कोहरे और खराब दृश्यता के चलते दो हेलीकॉप्टरों को अगस्त्यमुनि हेलीपैड पर आपात लैंडिंग करनी पड़ी. मौसम साफ होने के बाद उड़ान सेवाएं दोबारा शुरू की गईं.
जम्मू-कश्मीर में भी तेज हवाओं का कहर
जम्मू-कश्मीर में भी तेज हवाओं और खराब मौसम ने भारी नुकसान पहुंचाया. सांबा जिले के पंगधोर गांव में बीएसएनएल का मोबाइल टावर एक घर पर गिर गया, जिससे कमरे क्षतिग्रस्त हो गए. कठुआ जिले में 250 बिजली के खंभे और नौ ट्रांसफार्मर खराब हो गए. वहीं गांदरबल में बिजली गिरने से 90 भेड़ों की मौत हो गई.
कई जिलों में घंटों बाधित रही बिजली
कई जिलों में घंटों तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही और करीब 70 सड़कों पर यातायात बाधित हुआ. मौसम विज्ञानियों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहने के कारण 15 मई तक उत्तर भारत के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है. प्रशासन ने लोगों को खुले क्षेत्रों में न रुकने, मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है.


