हिमंता बिस्वा सरमा आज लेंगे दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ, PM मोदी समेत कई VVIP होंगे शामिल

असम में एनडीए सरकार लगातार तीसरी बार सत्ता में लौट आई है. हिमंत बिस्वा सरमा आज दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. गुवाहाटी में होने वाले इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेता शामिल होंगे.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: असम में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हिमंता बिस्वा सरमा मंगलवार को लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. इसके साथ ही वह राज्य में लगातार दो कार्यकाल तक मुख्यमंत्री बनने वाले पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन जाएंगे. गुवाहाटी में आयोजित होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह में देश की कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां, उद्योगपति और धार्मिक नेता शामिल होंगे.

असम की राजनीति में यह शपथ ग्रहण समारोह खास माना जा रहा है, क्योंकि एनडीए गठबंधन राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रहा है. भाजपा, असम गण परिषद (एजीपी) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के गठबंधन ने पहचान और विकास के मुद्दों पर चुनाव लड़ते हुए एक बार फिर सत्ता हासिल की है.

प्रफुल्ल कुमार महंत भी रह चुके हैं दो बार मुख्यमंत्री

असम गण परिषद के दिग्गज नेता प्रफुल्ल कुमार मंता भी राज्य के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं, हालांकि उनके कार्यकाल लगातार नहीं थे. उन्होंने 1985 से 1990 और फिर 1996 से 2001 तक मुख्यमंत्री पद संभाला था.

शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे कई बड़े नेता

गुवाहाटी के खानापारा में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री Narendra Modi, रक्षा मंत्री Rajnath Singh, गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शामिल होंगे.

इसके अलावा एनडीए शासित 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, जिनमें राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी शामिल हैं, समारोह में मौजूद रहेंगे. कुछ देशों के राजदूत, उद्योगपति और धार्मिक नेताओं के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है.

एनडीए शासित राज्यों के बाहर से केवल लालदुहोमा इस समारोह में भाग लेंगे.

कुछ नए मंत्री भी ले सकते हैं शपथ

हिमंता बिस्वा सरमा के साथ कुछ अन्य नेताओं के भी मंत्री पद की शपथ लेने की संभावना जताई जा रही है. असम मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 19 सदस्य शामिल हो सकते हैं.

हालांकि सरमा ने अब तक संभावित मंत्रियों के नामों का खुलासा नहीं किया है. उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर भाजपा नेतृत्व से चर्चा के बाद अंतिम फैसला करेंगे.

उन्होंने कहा, "मंत्रियों की सूची मेरे दिमाग में है. बस मुझे अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष से इस बारे में चर्चा करनी है और उनकी मंजूरी लेनी है. वे आज शाम आ रहे हैं और मैं हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करने जा रहा हूँ. मुझे पार्टी के सामान्य दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा."

सरमा ने यह भी कहा कि मंत्रिमंडल को लेकर अंतिम फैसला सोमवार देर रात तक लिया जाएगा और मंगलवार सुबह संभावित मंत्रियों को इसकी जानकारी दे दी जाएगी.

लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटा एनडीए

भाजपा, असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट से मिलकर बने एनडीए गठबंधन का यह लगातार तीसरा कार्यकाल होगा. इससे पहले 2016 में भाजपा के वरिष्ठ नेता सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में गठबंधन ने असम में सरकार बनाई थी, जिसे पूर्वोत्तर में भाजपा के विस्तार की शुरुआत माना गया.

पहचान और विकास के मुद्दों पर लड़ा गया चुनाव

इस बार भाजपा ने पहचान और विकास को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया. इसी क्रम में हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “असम की भूमि, पहचान और भविष्य पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता. 1.5 लाख बीघा भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के बाद, NDA 3.0 असम के लोगों के लिए 5 लाख बीघा और भूमि वापस लेने के दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है. हमारे लिए जाति (समुदाय), भूमि (माटी) और आधार (भेटी) सर्वोपरि हैं.”

युवाओं और चाय श्रमिकों के लिए बड़े वादे

हिमंता बिस्वा सरमा ने यह भी कहा कि एनडीए 3.0 सरकार ‘आत्मनिर्भर असम’ को बढ़ावा देने के लिए 10 लाख युवाओं को 5 लाख रुपये तक की उद्यमिता सहायता प्रदान करेगी.

उन्होंने आगे लिखा, "पिछले 10 वर्षों से, एनडीए सरकार असम के चाय श्रमिकों (चा श्रमिक) के सर्वांगीण विकास के लिए काम कर रही है, जो हमारी 200 साल पुरानी चाय विरासत की रीढ़ हैं. एनडीए 3.0 में, हम चरणबद्ध तरीके से वेतन बढ़ाकर ₹500 करने के साथ प्रत्येक चा श्रमिक के जीवन और आजीविका को और मजबूत करेंगे."

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